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खेल डैस्क : वसीम अकरम को पाकिस्तान के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक माना जाता है। उन्होंने सभी प्रारूपों में ढेरों विकेटों लिए। वह विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य रहे। लेकिन इन सबके बावजूद अकरम को लगता है कि उन्हें पाकिस्तानी फैंस इज्जत नहीं देते। अकरम ने एक साक्षात्कार में कहा कि कैसे पाकिस्तान में लोग अभी भी भूल नहीं पाए हैं कि 1990 के दशक में क्या हुआ था।

अपनी आत्मकथा ‘सुल्तान वसीम अकरम’ के लॉन्च पर दिग्गज तेज गेंदबाज ने कहा कि सोशल-मीडिया वेबसाइटों पर पाकिस्तान के क्रिकेट प्रशंसक उन्हें ‘मैच फिक्सर’ के रूप में जान रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के प्रशंसकों की प्रतिक्रिया की तुलना भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज के लोगों से की। अकरम ने कहा- ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और भारत में जब लोग विश्व एकादश के बारे में बात करते हैं, तब मेरा नाम आता है। लेकिन पाकिस्तान में यह पीढ़ी, यह सोशल मीडिया पीढ़ी। यह एक से एक टिप्पिणयां देते हैं। लिखते हैं- ओह, वह एक मैच फिक्सर है।

उन्होंने आगे कहा कि मैं अपनी जिंदगी के उस पड़ाव से गुजर चुका हूं जहां मुझे लोगों की चिंता करनी पड़ती है। ये आरोप 1990 के दशक के हैं जब तेज गेंदबाज अता-उर-रहमान ने अकरम पर मैच फिक्स करने के लिए पैसे देने का आरोप लगाया था। इसी तरह अकरम ने भारत के खिलाफ 1996 के विश्व कप के क्वार्टर फाइनल मैच से चूकने के बारे में भी बात की। 

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