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स्पोर्ट्स डेस्क : T20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले पाकिस्तान क्रिकेट को बड़ा झटका लगा है। ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख टीवी ब्रॉडकास्टर्स ने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की T20I सीरीज का प्रसारण करने से साफ इनकार कर दिया है। इस फैसले के चलते लाहौर में खेली जाने वाली यह सीरीज ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों तक नहीं पहुंच पाएगी, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया दोनों को बड़ा नुकसान हुआ है।

लाहौर में होने वाली सीरीज पर ब्रॉडकास्ट ब्लैकआउट

पाकिस्तान बनाम ऑस्ट्रेलिया की यह तीन मैचों की T20I सीरीज 29 जनवरी से गद्दाफी स्टेडियम, लाहौर में शुरू होनी है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में कोई भी टीवी नेटवर्क इस सीरीज के ब्रॉडकास्ट राइट्स लेने को तैयार नहीं है। इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, सभी मैच ऑस्ट्रेलियन ईस्टर्न डेलाइट टाइम (AEDT) के अनुसार रात 10 बजे शुरू होंगे, जो टीवी दर्शकों और विज्ञापनदाताओं—दोनों के लिए बेहद खराब समय माना जाता है।

क्यों पीछे हटे ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टर्स?

ब्रॉडकास्टिंग के नजरिए से यह सीरीज़ कई मोर्चों पर कमजोर मानी गई: देर रात शुरू होने वाले मुकाबले, बड़े स्टार खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी, T20 वर्ल्ड कप 2026 पर फोकस।

सीमित व्यावसायिक लाभ

ग्लेन मैक्सवेल, पैट कमिंस, जोश हेज़लवुड और टिम डेविड जैसे बड़े नामों को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया गया है। इन खिलाड़ियों की गैरहाजिरी ने सीरीज़ की व्यावसायिक अपील को और कम कर दिया। एक सीनियर टीवी एग्जीक्यूटिव ने इसे “कमर्शियल रूप से अव्यवहारिक” करार दिया।

ICC इवेंट्स के बाहर द्विपक्षीय क्रिकेट की घटती अहमियत

यह फैसला एक बड़े ट्रेंड की ओर इशारा करता है, जहां ICC टूर्नामेंट्स के बाहर द्विपक्षीय सीरीज़ की प्रासंगिकता लगातार घट रही है। खासतौर पर तब, जब वर्ल्ड कप जैसे बड़े इवेंट बिल्कुल नजदीक हों। भारत और श्रीलंका में 7 फरवरी से शुरू होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 के कारण दर्शकों और ब्रॉडकास्टर्स—दोनों की दिलचस्पी द्विपक्षीय मुकाबलों से हटती दिख रही है।

Pakistan vs Australia T20I हेड-टू-हेड

मैच: 28
ऑस्ट्रेलिया जीता: 14
पाकिस्तान जीता: 13
बेनतीजा: 1

पाकिस्तान क्रिकेट के लिए गलत समय पर झटका

यह ब्रॉडकास्ट ब्लैकआउट ऐसे वक्त आया है, जब पाकिस्तान क्रिकेट पहले से ही ICC के साथ वर्ल्ड कप भागीदारी और गवर्नेंस से जुड़े विवादों में घिरा हुआ है। हालांकि आधिकारिक तौर पर दोनों मामलों का कोई संबंध नहीं बताया गया है, लेकिन इससे पाकिस्तान क्रिकेट की छवि को नुकसान जरूर पहुंचा है।