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नई दिल्लीः श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन आज अपना 47वां जन्मदिन मना रहे हैं। 17 अप्रैल 1972 को श्रीलंका के केंडी में इनका जन्म हुआ। मुरलीधरन के पूर्वज तमिलनाडु से श्रीलंका पहुंचे थे। जिसके बाद वह श्रीलंका के हीरो बन गए और क्रिकेट में अपनी शानदार गेंदबाजी से काफी नाम कमाया। मुरली की पत्नी तमिलनाडू की ही रहने वाली है। मुरली ने अपना पहला टेस्ट मैच 28 अगस्त 1992 को आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। वनडे क्रिकेट की बात करें तो उन्होंने भारत के खिलाफ 12 अगस्त 1993 को वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था और सबसे अच्छी बात यह रही कि मुरली ने अपना आखिरी मैच भी भारत के खिलाफ 2 अप्रैल 2011 को खेला था।

टेस्ट क्रिकेट में की शानदार गेंदबाजी
टेस्ट क्रिकट में मुरली की बात करें तो उन्होंने 133 टेस्ट मैचों में 800 विकेट अपने नाम किए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके इस रिकॉर्ड के आसपास भी कोई खिलाड़ी नहीं है। उन्होंने सिर्फ 87 टेस्ट मैचों में 500 विकेट चटकाए थे। बाद में मुरली और शेन वॉर्न के बीच टेस्ट मैच के विकेटों की जंग चली, जिसके अंत में मुरली ही विजयी रहे।

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वनडे क्रिकेट में किया यह कारनामा 
इसके अलावा मुरली ने एक ओर ऐसा कारनामा किया है जिसे देखकर सभी हैरान हो गए थे। उन्होंने साल 2009 में वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया था। जिस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वसीम अकरम को भी पीछे छोड़ दिया था। मुरली ने 350 वनडे मैचों में 534 विकेट लिए हैं।  

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वर्ल्ड कप फाइनल मैच में नहीं ले सके थे कोई विकेट
साल 2011 के वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में श्रीलंका के मुरलीधरन ने भारत के खिलाफ कोई भी विकेट नहीं लिया। मुरली ने इस मैच में अपने आठ ओवरों के दौरान 4.88 के इकोनमी रेट से 39 रन दिए थे। इस मैच को भारत ने 6 विकेट से अपने नाम किया था। उन्होंने टी20 क्रिकेट के छोटे फाॅर्मेट में 13 विकेट लिए हैं। 

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करियर की शुरुआत में गेंदबाजी एक्शन पर लगी थी रोक
अपने करियर की शुरुआत में मुरली ने टेस्ट में जब 80 विकेट लिए थे तब ऑस्ट्रेलिया के एमसीजी में अंपायर डेरेल हेयर ने उन्हें संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के लिए गेंदबाजी से रोका। इसके बावजूद श्रीलंका के कप्तान अर्जुन रणतुंगा के कड़े विरोध के बावजूद वह अपनी गेंदबाजी जारी रख पाए।

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बल्लेबाज के तौर पर टेस्ट क्रिकेट में हैं बुरा रिकाॅर्ड
टेस्ट क्रिकेट में मुरला के नाम बल्लेबाज को तौर पर एक बुरा रिकाॅर्ड है। वह टेस्ट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले बल्लेबाज हैं। वह टेस्ट क्रिकेट में वह कुल 11 बार शून्य पर आउट हुए। दूसरे नंबर पर रंगना हेराथ हैं वह 10 बार शून्य पर आउट हुए।

मुरलीधरन के वो विश्व रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ना है मुश्किल-

- मुरलीधरन ने टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने का कारनामा किया है (800 विकेट)

- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी मुरली ने सर्वाधिक विकेट लिए (515 विकेट)

- टेस्ट, वनडे और टी20 में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए (1320 विकेट)

- टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने एक पारी के दौरान 5 या 5 से अधिक विकेट लेने का भी कारनामा किया (67 बार)

- टेस्ट क्रिकेट में सभी देशों के खिलाफ 10 विकेट लेने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं।

- लगातार चार टेस्ट मैचों में 10 विकेट लेने वाले एकमात्र गेंदबाज हैं और यह कारनामा दो बार कर चुके हैं। 

- टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार श्रृंखला के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (मैन ऑफ द सीरीज) से नवाजा गया (11 बार)

- जिम लेकर, श्रीनिवासराघवन वेंकटराघवन, ज्यॉफ डाइमॉक, अब्दुल कादिर और वकार यूनुस के अलावा मुरलीधरन ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने एक टेस्ट मैच में सभी ग्यारह बल्लेबाजों को आउट किया है।

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