बर्मिंघम: भारतीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने 2026 काउंटी चैंपियनशिप के आखिरी दो मुकाबलों के लिए नॉटिंघमशायर के साथ करार किया है। डिविजन वन के खिताब की दौड़ में शामिल नॉटिंघमशायर ने अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करने के लिए भारतीय गेंदबाज को टीम में शामिल किया है।
32 वर्षीय मुकेश कुमार ट्रेंट ब्रिज पहुंचेंगे, जहां नॉटिंघमशायर अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है। टीम शीर्ष पर मौजूद समरसेट से केवल चार अंक पीछे है। ऐसे में सीजन के अंतिम दो मैच उसके लिए बेहद अहम होंगे।
पीटर मूर्स ने मुकेश कुमार को बताया ‘क्वालिटी एडिशन’
नॉटिंघमशायर के मुख्य कोच पीटर मूर्स ने मुकेश कुमार के टीम से जुड़ने पर खुशी जताई। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाज को सीजन के इस महत्वपूर्ण चरण में टीम के लिए शानदार अतिरिक्त विकल्प बताया। मूर्स ने कहा कि मुकेश का अनुभव और गेंदबाजी क्षमता टीम को खिताब की दौड़ में मजबूती दे सकती है। नॉटिंघमशायर को अंतिम मुकाबलों में हर गेंदबाजी बोनस अंक की जरूरत होगी।
दलीप ट्रॉफी फाइनल के बाद इंग्लैंड पहुंचे मुकेश
मुकेश कुमार हाल ही में दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन की खिताबी जीत का हिस्सा रहे थे। उन्होंने फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ 3 विकेट लेकर 62 रन दिए और ईस्ट जोन को 14 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब जीतने में मदद की। इस प्रदर्शन से मुकेश ने अपनी मैच फिटनेस और लय का मजबूत संकेत दिया। नॉटिंघमशायर को उम्मीद होगी कि वह इसी फॉर्म को इंग्लैंड की परिस्थितियों में भी बरकरार रखेंगे।
पहली बार इंग्लैंड की घरेलू परिस्थितियों में खेलेंगे
मुकेश कुमार ने अब तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट के सभी मुकाबले भारत में खेले हैं। नॉटिंघमशायर के लिए आगामी मैच इंग्लैंड की घरेलू परिस्थितियों में उनका पहला प्रथम श्रेणी अनुभव होगा। मुकेश के नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 233 विकेट दर्ज हैं। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज से इंग्लैंड की पिचों पर शुरुआती स्विंग और सीम का फायदा उठाकर तुरंत प्रभाव डालने की उम्मीद की जा रही है।
भारत के लिए खेल चुके हैं तीन टेस्ट और 17 टी20I
मुकेश कुमार भारतीय टीम के लिए अब तक तीन टेस्ट और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव उन्हें नॉटिंघमशायर के तेज गेंदबाजी आक्रमण में अहम विकल्प बनाता है। टीम प्रबंधन ने अभी अपनी सटीक प्लेइंग कॉम्बिनेशन का खुलासा नहीं किया है, लेकिन मुकेश दोनों बचे हुए काउंटी मुकाबलों के लिए उपलब्ध रहेंगे। ऐसे में कोच पीटर मूर्स के पास जरूरत के अनुसार उन्हें अंतिम एकादश में शामिल करने की पूरी स्वतंत्रता होगी।
नॉटिंघमशायर के सामने खिताब जीतने की कठिन चुनौती
2026 डिविजन वन अभियान के अंतिम पखवाड़े में नॉटिंघमशायर समरसेट से चार अंक पीछे है। खिताब जीतने के लिए उसे बचे हुए दोनों मैचों में अधिकतम अंक हासिल करने होंगे। साथ ही उसे समरसेट के किसी मुकाबले में अंक गंवाने की भी उम्मीद करनी होगी।ऐसे समीकरण में गेंदबाजी बोनस अंक बेहद महत्वपूर्ण हो जाएंगे। मुकेश कुमार का अनुभव और हालिया मैच फॉर्म नॉटिंघमशायर के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।