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नई दिल्ली : भारत के डेविस कप कप्तान महेश भूपति ने कहा है कि टेनिस को कभी भी सरकार से ऐसा समर्थन प्राप्त नहीं हुआ जो मुक्केबाजी या कुश्ती को मिला है और उन्होंने टॉप्स की योजना में पुरूष एकल खिलाडिय़ों को भी शामिल करने का अनुरोध किया। वर्ष 2020 तोक्यो ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खेल मंत्रालय ने रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की युगल जोड़ी को सरकार की टॉप्स योजना में शामिल किया है जिन्होंने पिछले साल एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।       

Chennai open challenger : all eyes on Prajesh

भूपति ने कलकत्ता साउथ क्लब में डेविस कप क्वालीफायर में इटली से भारत को मिली 1-3 की हार के बाद पत्रकारों से कहा- मैं जानता हूं कि रोहन और दिविज को टॉप्स में शामिल कर लिया गया है लेकिन एकल खिलाडिय़ों को भी इस तरह के समर्थन की जरूरत है। यही सच्चाई है। उन्होंने कहा- सरकार को आगे बढ़कर टेनिस खिलाडिय़ों की भी मदद करने की जरूरत है। मैं जानता हूं कि वे काफी खेलों का समर्थन कर रहे हैं। वे हाकी, कुश्ती, मुक्केबाजी की मदद कर रहे हैं लेकिन टेनिस को अभी तक ऐसा सहयोग नहीं मिला है।

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भूपति ने कहा- एआईटीए (अखिल भारतीय टेनिस संघ) के लिए उनकी मदद करना आसान नहीं है क्योंकि उनके पास धन के राजस्व का कोई जरिया नहीं हैं। मुझे लगता है कि सरकार के पास टॉप्स, एनएसडीएफ जैसी काफी योजनाएं हैं। उन्होंने कहा- रोम का निर्माण एक दिन में नहीं हुआ था। मुझे लगता है कि भारतीय टेनिस में बदलाव हो रहा है। हमारे पास तीन पुरूष खिलाड़ी हैं जो इस स्तर पर खेल सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा नहीं हुआ था। संभावनाएं हैं, विशेषकर एकल वर्ग के पुरूष खिलाडिय़ों के लिये। 

 

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