नई दिल्ली (निकलेश जैन)। विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन ने शतरंज इतिहास में एक और अविश्वसनीय उपलब्धि अपने नाम कर ली है। जुलाई 2026 की फीडे रेटिंग सूची के साथ कार्लसन लगातार 15 वर्षों से विश्व के नंबर-1 खिलाड़ी बने हुए हैं। जुलाई 2011 से लेकर आज तक फीडे की हर आधिकारिक रेटिंग सूची में शीर्ष स्थान पर बने रहना अपने आप में एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे निकट भविष्य में तोड़ पाना बेहद कठिन माना जा रहा है।
नॉर्वे के कार्लसन पहली बार अक्टूबर 2008 में लाइव रेटिंग के आधार पर दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी बने थे। इसके बाद नवंबर 2009 में उन्होंने 2800 रेटिंग का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया और तब से आज तक कभी भी उनकी रेटिंग 2800 से नीचे नहीं गई। जनवरी 2010 में वह पहली बार आधिकारिक फीडे रेटिंग सूची में विश्व नंबर-1 बने थे।
हालांकि उस दौर में भारत के पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने दो बार फिर से शीर्ष स्थान हासिल किया। मई 2011 की रेटिंग सूची आखिरी बार थी जब आनंद दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी रहे। इसके बाद जुलाई 2011 में कार्लसन ने दोबारा शीर्ष स्थान हासिल किया और तब से लगातार 15 वर्षों तक उसे बरकरार रखा है।
कार्लसन के इस लंबे सफर में कई बार उनकी बादशाहत को चुनौती मिली। सबसे बड़ा मौका 2018 की विश्व शतरंज चैंपियनशिप के दौरान आया था, जब अमेरिकी ग्रैंडमास्टर फेबियानो कारुआना यदि मैच में एक भी जीत दर्ज कर लेते, तो वे विश्व नंबर-1 बन सकते थे। लेकिन कार्लसन ने वह मुकाबला टाईब्रेक में जीतकर न केवल विश्व खिताब बचाया बल्कि अपनी नंबर-1 रैंकिंग भी सुरक्षित रखी।