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स्पोर्ट्स डेस्कः अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने अंतररष्ट्रीय फ़ुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला लेना 'दुखद' था, लेकिन उन्हें एहसास है कि 'अब सही समय आ गया है'। 39 साल के मेसी ने 2022 में कतर में अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप जिताया था। उन्होंने 207 मैचों में 125 गोल किए हैं, जिससे वह देश के लिए सबसे ज़्यादा गोल करने वाले और सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इंस्टाग्राम पर एक बयान में मेसी ने कहा कि उन्होंने नेशनल टीम के लिए अपना सब कुछ दिया है, लेकिन अब उनके पास 'देने के लिए कुछ नहीं बचा है'। 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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उन्होंने कहा,'फाइनल के बाद इतना समय बीतने और इस बारे में बहुत सोचने के बाद, मैं सबको बताना चाहता हूं कि मैं नेशनल टीम से रिटायर हो रहा हूं..।' 'यह एक ऐसा फैसला था जिससे मुझे बहुत दुख हुआ और अब भी अंदर तक दुख होता है, लेकिन मैं समझता हूं कि यही सही समय है। मैं कसम खाता हूं कि मैंने हमेशा अपना सब कुछ दिया, न सिर्फ इन कुछ सालों में जब हमने सब कुछ जीता, बल्कि उससे पहले भी। मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए संघर्ष किया और अपना सब कुछ दिया, ताकि आपको खुशी दे सकूं और फुटबॉल के जरिए अर्जेंटीना का होने पर गर्व महसूस करा सकूं।' 'अब ज़्यादा समय नहीं बचा है, और जिंदगी के अलग-अलग अध्याय खत्म हो रहे हैं। यह एक ऐसा अध्याय है जो मुझे बहुत दुखी करता है। 

मुझे नेशनल टीम का हिस्सा रहना पसंद है, हमेशा पसंद था और हमेशा पसंद रहेगा। मैंने अपना सब कुछ दे दिया, और अब मेरे पास देने के लिए कुछ और नहीं बचा है। साथ ही, कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी आ रहे हैं जो यहां होने के हकदार हैं।' 'इन 20 सालों में मिले सारे प्यार के लिए धन्यवाद। मुझे मैदान के अंदर से आपकी आवाज़ सुनना याद आएगा। अब मैं आपमें से ही एक बन जाऊंगा, हमेशा बाहर से सपोर्ट करूंगा - अच्छे समय में भी और बुरे समय में तो और भी ज़्यादा।' 'हमेशा साथ रहने और इस खूबसूरत लेकिन मुश्किल सफ़र में मेरे साथ चलने के लिए मेरे परिवार का धन्यवाद। उन सभी कोच, टीम के साथियों और डायरेक्टर का धन्यवाद जिनके साथ मुझे यह सफ़र तय करने का मौका मिला। मैं अपने साथ कभी न भूलने वाली यादें और पल लेकर जा रहा हूं। 

मैं शांति और गर्व के साथ जा रहा हूं, यह जानते हुए कि मैंने अपने साथियों के साथ मिलकर आपको वे पल दिए जिनका हमने कभी सपना देखा था। आपके साथ यह सब अनुभव करना अछ्वुत था। मैं आप सभी से प्यार करता हूं! मुझे अर्जेंटीना का बनाने के लिए भगवान का धन्यवाद।' 'वामोस अर्जेंटीना!' 'मैंने ये शब्द 21 जुलाई को लिखे थे, फाइनल के दो दिन बाद। आज, मेरे पिता के साथ जो हुआ, उसके बाद मुझे अपने इस फैसले पर पहले से कहीं ज़्यादा यकीन हो गया है।'