Sports

ज्यूरिख : अंतरराष्ट्रीय फुटबाल महासंघ फीफा के पूर्व उपाध्यक्ष और दक्षिण अमेरिकी फुटबाल संघ के पूर्व अधिकारी जुआन एंजेल नापाउट पर भ्रष्टाचार के आरोप में आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। फुटबाल की वैश्विक संस्था ने जारी बयान में कहा कि उसकी अनुशासनात्मक समिति को पैराग्वे के फुटबाल अधिकारी 61 वर्षीय नापाउट के खिलाफ वर्ष 2012 से 2015 के बीच भ्रष्टाचार और रिश्वत लेने के सबूत मिले हैं। उन्हें फुटबाल की किसी भी गतिविधि में शामिल होने से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही उनपर 10 लाख यूएस डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है।

फीफा ने गुरूवार को कहा, ‘नापाउट के खिलाफ भ्रष्टाचार और रिश्वत से जुड़े मामले की जांच के बाद पता चला है कि उन्होंने कई कंपनियों को मीडिया और मार्केटिंग अधिकार सौंपने के लिये रिश्वत ली थी।' नापाउट के खिलाफ यह फैसला ब्रुकलिन अदालत के उन्हें आरोपी ठहराने के 2 वर्ष बाद आया है। पैराग्वे के पूर्व अधिकारी के खिलाफ अमेरिकी जांच विभाग पिछले काफी समय से जांच कर रहा था। फीफा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे नापाउट दक्षिण अमेरिकी फुटबाल संघ कानमीबॉल के अगस्त 2014 तक अध्यक्ष रहे थे जबकि भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण दिसंबर 2015 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अगस्त 2018 में उन्हें नौ वर्षों के लिये जेल की सजा सुनाई गयी थी। 

.
.
.
.
.