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सिडनीः भारतीय कप्तान विराट कोहली को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखे 10 साल हो गए। उन्होंने डेब्यू 18 अगस्त 2008 को श्रीलंका के खिलाफ वनडे खेलकर किया था। यूं तो कोहली दुनियाभर में अपनी फिटनेस को लेकर मशहूर हैं लेकिन उनके फैंस को इस बात का पता नहीं होगा कि कोहली लगभग पिछले 8 साल से एक बीमारी से जूझ रहे हैं। कोहली ने खुलासा किया कि वह पीठ दर्द का शिकार हैं। 
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उन्होंने बताया है कि पीठ दर्द की परेशानी उन्हें वर्ष 2011 से ही है लेकिन इसका असर उनके करियर पर कभी नहीं पड़ा।  आस्ट्रेलिया दौरे में भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे विराट ने गुरूवार से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर शुरू होने वाले चौथे और बार्डर-गावस्कर ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा फिटनेस को लेकर छोटी मोटी परेशानी हर खिलाड़ी को होती है जो आम बात है।  30 वर्षीय बल्लेबाज ने अपनी फिटनेस समस्या के सवाल पर कहा,‘‘ मुझे पीठ में दर्द और खिंचाव की शिकायत वर्ष 2011 से ही है जो नई बात नहीं है।’’ 
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हाल ही में पीठ दर्द से जूझते दिखे थे विराट

तीसरे मेलबोर्न टेस्ट में भारतीय कप्तान को मैच के दूसरेे दिन फिजियो से अपनी पीठ दर्द के लिए उपचार कराना पड़ा था। वह पहली पारी में 82 रन पर आउट हो गए थे जबकि दूसरी पारी में शून्य पर आउट हो गए थे।  विराट को पिछले काफी समय से पीठ दर्द से जूझते देखा गया है। इस वर्ष भी इंग्लैंड में दूसरे टेस्ट के दौरान उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा था जिसके बाद उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे। हालांकि मौजूदा समय में वह आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज हैं। उन्होंने कहा,‘‘पिछले कुछ वर्षाें से शारीरिक रूप से मैंने इस परेशानी से उबरने के लिए काफी काम किया है इसलिए यह बड़ी समस्या नहीं है। आप इसी तरह इनसे निपट सकते हैं।’’ 
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दर्द की चिंता नहीं करते 'रन मशीन'

भारतीय कप्तान ने कहा कि वह इस बात की कोई चिंता नहीं कर रहे हैं और सिडनी मैच को लेकर पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा,‘‘ जब काम बहुत बढ़ जाता है तो अकड़न जैसी परेशानी हो जाती है, लेकिन यह गंभीर समस्या नहीं है। आप दो तीन दिनों में ठीक हो जाते हैं।’’  उन्होंने कहा,‘‘ मैं इस बात की ज्यादा चिंता नहीं करता हूं। आपको चोटों से उबरने के लिये शारीरिक रूप से खुद को मजबूत करना होता है। मुझे पता है कि इससे निपटने के लिए मैं कोई विकल्प तलाश लूंगा। बिना इन छोटी मोटी परेशानियों के इतना लंबे समय तक खेलना तो संभव भी नहीं है।’’ विराट की कप्तानी में सिडनी टेस्ट जीतने के साथ ही भारत आस्ट्रेलियाई जमीन पर 70 वर्षाें में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचने की दिशा में अग्रसर है। वह फिलहाल चार मैचों की सीरीका में 2-1 से बढ़त पर है जबकि विराट इस जीत के साथ विदेश में सर्वाधिक टेस्ट जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बनने से भी एक कदम दूर हैं। वह फिलहाल सौरभ गांगुली के 11 टेस्ट जीतने की बराबरी पर हैं। 

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