लखनऊ: भारत के युवा तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी ने उत्तर प्रदेश टी20 लीग में अपनी रफ्तार से एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। नोएडा किंग्स के खिलाफ मेरठ मावेरिक्स की ओर से खेलते हुए त्यागी ने 149 किमी/घंटा की घातक यॉर्कर फेंककर बल्लेबाज शौर्य सिंह का मिडिल स्टंप उखाड़ दिया।
इस तेजतर्रार स्पेल में त्यागी ने 3/12 के मैच जिताऊ आंकड़े दर्ज किए और मेरठ मावेरिक्स को DLS नियम के तहत 23 रन से जीत दिलाई। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
'149 किमी/घंटा की यॉर्कर और मिडिल स्टंप के परखच्चे'
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में नोएडा किंग्स के खिलाफ दूसरे ओवर में कार्तिक त्यागी ने अपनी रफ्तार का असली नमूना पेश किया। 149 किमी/घंटा की रफ्तार से फेंकी गई उनकी यॉर्कर सीधे शौर्य सिंह के मिडिल स्टंप पर जा लगी। गेंद की रफ्तार इतनी तेज थी कि स्टंप अपनी जगह से उखड़ गया। त्यागी ने अगले ही गेंद पर आदित्य शर्मा को LBW आउट कर विपक्षी टीम को शुरुआती झटका दे दिया।
सिर्फ 116 रन का बचाव करते हुए पलटा मैच
मेरठ मावेरिक्स को इस मुकाबले में सिर्फ 116 रन का लक्ष्य बचाना था। ऐसे में त्यागी ने नई गेंद से आक्रामक गेंदबाजी करते हुए नोएडा किंग्स के शीर्ष क्रम को तहस-नहस कर दिया। उन्होंने अपने स्पेल में 3 विकेट लेकर सिर्फ 12 रन दिए। मेरठ ने आखिरकार मुकाबला DLS नियम के तहत 23 रन से जीत लिया और अंक तालिका में शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत की।
'UPT20 में 140 किमी/घंटा से ज्यादा की 151 गेंदें'
रफ्तार हमेशा से कार्तिक त्यागी की सबसे बड़ी ताकत रही है, लेकिन UP T20 लीग में उनकी निरंतरता भी बेहद प्रभावशाली रही है। 2024 सीजन से अब तक त्यागी ने टूर्नामेंट में 140 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार वाली 151 गेंदें फेंकी हैं। यह UP T20 लीग में किसी भी गेंदबाज का सबसे बड़ा आंकड़ा है। मौजूदा सीजन में वह चार मैचों में 7 विकेट ले चुके हैं और 12.29 की औसत से गेंदबाजी कर रहे हैं। विकेटों की सूची में वह तीसरे स्थान पर हैं, जबकि तेज गेंदबाज अभिनंदन सिंह 9 विकेट के साथ शीर्ष पर मौजूद हैं।
चोटों ने रोक दिया था कार्तिक त्यागी का करियर
आज त्यागी को करीब 150 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करते देखना आसान है, लेकिन उनका यहां तक पहुंचने का सफर बेहद मुश्किल रहा है। 2020 और 2021 के शुरुआती दौर में साइड स्ट्रेन की चोटों ने उनके शुरुआती IPL करियर को कई बार प्रभावित किया। 2021 के अंत तक शिन स्प्लिंट्स की समस्या ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। जब भी वह पूरे वर्कलोड के साथ गेंदबाजी करते, तो पिंडली और शिन में लगातार दर्द होता था।
2022 में रणजी ट्रॉफी मैच के दिन फुटबॉल वार्म-अप के दौरान उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद पेल्विक बोन की चोट ने भी उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर रखा।
'मुझे अपने शरीर को समझना पड़ा'
लगातार चोटों के बाद कार्तिक त्यागी ने अपने शरीर और गेंदबाजी एक्शन को समझने पर काम किया। उन्होंने बताया कि वापसी के दौरान उन्हें यह समझना पड़ा कि तेज गेंदबाज के तौर पर उनके लिए कौन-सा रन-अप, वर्कलोड और गेंदबाजी एक्शन सबसे बेहतर है। त्यागी ने कहा, 'जब मैं चोटिल हुआ तो मैंने अपने शरीर को समझना शुरू किया कि मेरे लिए क्या सबसे अच्छा है, मुझे कैसे दौड़ना चाहिए और किस तरह अपना शरीर लोड करना चाहिए, ताकि तेज गेंदबाज के तौर पर लंबे समय तक गेंदबाजी कर सकूं और चोट से बच सकूं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने पहले इन चीजों को पहचाना। फिर गेंदबाजी करते हुए मैंने खुद को एक साल का समय दिया और दिन-ब-दिन अपना वर्कलोड बढ़ाया, ताकि मेरी मांसपेशियां दोबारा गेंदबाजी की जरूरतों के लिए तैयार हो सकें।'
IPL 2026 में KKR ने खरीदा, किया धमाकेदार कमबैक
UP T20 में शानदार प्रदर्शन का फायदा त्यागी को IPL 2026 ऑक्शन में मिला। कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। त्यागी ने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया और IPL में शानदार वापसी की। वह KKR के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने और पूरे टूर्नामेंट में पर्पल कैप की सूची में पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने IPL 2026 में 13 मैचों में 18 विकेट लेकर साबित कर दिया कि वह एक बार फिर शीर्ष स्तर के क्रिकेट के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
'डेल स्टेन ने सिखाया हार्ड लेंथ पर लगातार गेंदबाजी करना'
कार्तिक त्यागी ने अपनी रणनीतिक सोच में बदलाव का श्रेय दक्षिण अफ्रीका के पूर्व महान तेज गेंदबाज डेल स्टेन के साथ हुई बातचीत को दिया। त्यागी ने कहा, 'जब मैंने डेल स्टेन के साथ काम किया तो उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुझे हार्ड लेंथ वाले एरिया पर कितनी लगातार गेंदबाजी करनी चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'टी20 क्रिकेट में हर कोई स्लोअर गेंदों और यॉर्कर की बात करता है, लेकिन मेरे लिए अहम यह है कि मैं अपनी रफ्तार के साथ कितनी लगातार अच्छी लेंथ पर गेंद डाल सकता हूं।' त्यागी ने आगे कहा, 'मेरे दिमाग में यही रहता है कि जितनी ज्यादा मैं असली रफ्तार के साथ उस लेंथ पर गेंद डालूंगा, उतना ही प्रभावी बनूंगा।'
पूरी तरह फिट होकर नई ताकत के साथ लौटे त्यागी
कभी लगातार चोटों से जूझने वाले कार्तिक त्यागी अब नए शरीर, बेहतर गेंदबाजी एक्शन और स्पष्ट रणनीति के साथ वापसी कर चुके हैं। 149 किमी/घंटा की यॉर्कर और हवा में उड़ते मिडिल स्टंप इस बात का संकेत हैं कि भारतीय तेज गेंदबाज एक बार फिर अपने करियर के मजबूत दौर में पहुंच चुके हैं।