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सेंट लुईस,यूएसए ( निकलेश जैन ) भारत के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानन्दा शानदार प्रदर्शन के बावजूद सिंकफील्ड कप 2026 का खिताब जीतने से चूक गए। नौ दौर के क्लासिकल मुकाबलों के बाद प्रज्ञानन्दा और अमेरिका के वेस्ली सो 5.5 -5.5 अंकों पर बराबर रहे, जिसके बाद खिताब का फैसला रैपिड प्लेऑफ और फिर आर्मगेडन से हुआ। अंततः सो ने आर्मगेडन में काले मोहरों से ड्रॉ हासिल करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।

सो ने अपने करियर में तीसरी बार सिंकफील्ड कप जीता और 87,500 डॉलर की पुरस्कार राशि हासिल की। प्रज्ञानन्दा के लिए यह परिणाम निराशाजनक जरूर रहा, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।

क्लासिकल में प्रज्ञानन्दा और सो बराबर

अंतिम दौर में प्रज्ञानन्दा ने अनीश गिरी के खिलाफ काले मोहरों से खेलते हुए 37 चालों में ड्रॉ खेला। वहीं वेस्ली सो ने जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ भी ड्रॉ खेला। इसके साथ दोनों खिलाड़ी 5.5 अंकों पर रहे और मुकाबला टाईब्रेक में पहुंच गया।

प्रज्ञानन्दा ने इससे पहले आठवें दौर में मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव को सिर्फ 27 चालों में हराकर सो की बराबरी की थी। उस जीत ने उन्हें खिताब का प्रबल दावेदार बना दिया था।

रैपिड प्लेऑफ में भी नहीं निकला फैसला

प्लेऑफ में दो रैपिड बाजियां खेली गईं। दोनों मुकाबले ड्रॉ रहे और स्कोर 1.5-1.5 रहा। इसके बाद आर्मगेडन में प्रज्ञानन्दा ने सफेद मोहरों के साथ खेलना चुना। उन्हें पांच मिनट मिले, जबकि सो के पास चार मिनट थे और काले मोहरों के कारण उन्हें ड्रॉ का फायदा भी हासिल था।

प्रज्ञानन्दा ने आर्मगेडन में जीत की स्थिति हासिल कर ली थी और समय के दबाव में सो को लगभग मात देने की स्थिति में पहुंच गए थे। लेकिन बिना बढ़ोतरी वाले इस तेज मुकाबले में सही समय पर निर्णय लेना मुश्किल साबित हुआ। प्रज्ञानन्दा जीत हासिल नहीं कर सके और ड्रॉ के साथ सो ने खिताब अपने नाम कर लिया।

सो ने इसके बाद प्रज्ञानन्दा से कहा, "आप हर टूर्नामेंट नहीं जीत सकते, इस साल नहीं!"

प्रज्ञानन्दा ने भी परिणाम को सकारात्मक रूप से लिया और कहा कि इतने करीब पहुंचकर खिताब चूकना थोड़ा निराशाजनक है, लेकिन ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करना उनके लिए शानदार उपलब्धि है।

प्रज्ञानन्दा के लिए शानदार टूर्नामेंट

सो पूरे टूर्नामेंट में 12 बाजियों में अपराजित रहे, जबकि प्रज्ञानन्दा ने भी क्लासिकल चरण में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। प्रज्ञानन्दा की खास बात यह रही कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में बेहतरीन खेल दिखाया और अंतिम दौर तक खिताब की दौड़ में बने रहे।

इस प्रदर्शन के साथ प्रज्ञानन्दा अब ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स में उतरेंगे, जहां उनके पास 2 लाख डॉलर के शीर्ष पुरस्कार के लिए चुनौती पेश करने का मौका होगा।

फाइनल्स में प्रज्ञानन्दा के अलावा वेस्ली सो, फैबियानो कारुआना और विंसेंट कीमर हिस्सा लेंगे। मुकाबले की शुरुआत 22 अगस्त से होगी।