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स्पोर्ट्स डेस्क : दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2-1 से सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले पिछले साल वह टी20 इंटरनेशनल टीम की कप्तानी से हटे थे जबकि वनडे टीम की कप्तानी से उन्हें हटा दिया गया था। कोहली के टेस्ट टीम की कप्तानी के हटने के बाद क्रिकेट जगत ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट और टीम को नई उंचाइयों पर ले जाने के लिए सराहा जबकि कोहली के फैंस को उनका ये फैसला पसंद नहीं आया और उन्होंने इस फैसले के लिए बीसीसीआई को जिम्मेदार ठहराया। इस बीच पूर्व कप्तान कपिल देव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह बहुत दबाव में दिखाई दिए। 

कपिल देव ने कहा कि मैं टेस्ट कप्तानी छोड़ने के विराट के फैसले का स्वागत करता हूं। टी20 की कप्तानी छोड़ने के बाद से ही वह बुरे दौर से गुजर रहे थे। वह हाल के दिनों में काफी तनाव में नजर आ रहे हैं, काफी दबाव में नजर आ रहे हैं। इसलिए स्वतंत्र रूप से खेलने के लिए कप्तानी छोड़ना एक विकल्प था। उन्होंने इसका विकल्प चुना। 

पूर्व कप्तान ने कहा कि वह एक परिपक्व आदमी है। मुझे यकीन है कि उन्होंने यह महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले काफी सोच विचार किया होगा। हो सकता है कि वह कप्तानी का आनंद नहीं ले रहे थे। हमें उनका समर्थन करना होगा और उन्हें शुभकामनाएं देनी होंगी। कोहली के युवा खिलाड़ियों के तहत खेलने की संभावना के बारे में बोलते हुए कपिल ने कहा कि 33 वर्षीय को अपना अहंकार छोड़ना होगा। 

कपिल ने अंत में कहा कि सुनील गावस्कर भी मेरे अंडर में खेले। मैं के श्रीकांत और मोहम्मद अजहरुद्दीन के नेतृत्व में खेला। मुझे कोई अहंकार नहीं था। विराट को अपना अहंकार छोड़ना होगा और एक युवा क्रिकेटर के नेतृत्व में खेलना होगा। इससे उन्हें और भारतीय क्रिकेट को मदद मिलेगी। विराट को नए कप्तान, नए खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना चाहिए। हम बल्लेबाज विराट को नहीं खो सकते... बिलकुल नहीं। 

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