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टोक्यो: जापान और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के टोक्यो ओलम्पिक को निर्धारित समय पर कराने के दावों के बीच जापान ओलम्पिक समिति की बोर्ड सदस्य काओरी यामागुची ने कहा है कि ओलम्पिक खेलों को स्थगित कर दिया जाना चाहिए क्योंकि कोरोना वायरस के खतरे के कारण एथलीट अपनी पूरी तैयारी नहीं कर पाएंगे। टोक्यो ओलंपिक 24 जुलाई से नौ अगस्त तक होने हैं।      

यामागुची के हवाले से एक अखबार ने शुक्रवार को कहा, ‘आईओसी का ओलम्पिक को आयोजित कराने पर आमादा रहना खिलाड़ियों को खतरे में डाल देगा। मैं इस मामले को 27 मार्च को जापान ओलम्पिक समिति की बोर्ड बैठक में उठाउंगी। मैं अमेरिका और यूरोप से आने वाली खबरों को देख रही हूं जिससे पता चलता है कि खिलाड़ी अपनी सामान्य ट्रेनिंग तक नहीं कर पा रहे हैं।' इससे पहले जापान सरकार के मुख्य कैबिनट सचिव योशीहिदे सुगा ने संसद में कहा था कि कोरोना वायरस के खतरे के बावजूद टोक्यो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ओलंपिक की मेजबानी करेगा। सरकार अपनी तैयारियों को जारी रखेगी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के साथ मिलकर ओलंपिक आयोजन का काम करेगी। 

दुनिया भर में कई खेल आयोजन रद्द हो चुके हैं जिससे ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। आईओसी की एक सदस्य ने भी ओलम्पिक कराने की जिद्द को गैर जिम्मेदाराना बताया है जबकि कई एथलीटों का कहना है आईओसी का फैसला खिलाड़ियों को खतरे में डालेगा। इस वायरस ने ओलंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंटों में कहर बरपाया है जिससे क्वालीफायर या तो रद्द किए गए हैं या फिर स्थगित किए गए हैं। एथलीटों को ट्रेनिंग करने, यात्रा करने और प्रतिस्पर्धा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जापान के शहर टोक्यो को 11 हजार के करीब एथलीटों की मेजबानी करनी है और 50 फीसदी से ज्यादा एथलीट इन खेलों के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। शेष एथलीटों को क्वालीफिकेशन या रैंकिंग के आधार पर ओलंपिक में प्रवेश मिलना है।

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