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लंदन : भारत राष्ट्रमंडल निशानेबाजी और तीरंदाजी चैंपियनशिप की मेजबानी जनवरी 2022 में चंडीगढ़ में करेगा और बर्मिंघम में होने वाले खेलों में इसके पदकों को ‘प्रतिस्पर्धी देशों की रैंकिंग' के लिए शामिल किया जाएगा। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इन दोनों स्पर्धाओं के पदकों को हालांकि राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह के एक सप्ताह अंतिम तालिका में जोड़ा जाएगा।

सीजीएफ ने यहां 21 से 23 फरवरी तक चली कार्यकारी बोर्ड की बैठक में यह फैसला किया। इस फैसले को भारत की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा जिसने निशानेबाजी को हटाये जाने के बाद 2022 बर्मिंघम खेलों के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। सीजीएफ की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘भारत में राष्ट्रमंडल तीरंदाजी और निशानेबाजी चैम्पियनशिप का आयोजन 2022 में होगा। इसके आयोजन से जुड़े मामले को सीजीएफ के कार्यकारी बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया है।' 

इन दोनों स्पर्धाओं का आयोजन चंडीगढ़ में जनवरी 2022 में होगा जबकि राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन 27 जुलाई से सात अगस्त 2022 तक होगा। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘इस फैसले से यह साफ हो गया कि चंडीगढ़ 2022 और बर्मिंघम 2022 अलग-अलग राष्ट्रमंडल खेल प्रतियोगिताएं होंगी।' इसके मुताबिक, ‘बर्मिंघम 2022 खेलों के समापन समारोह के एक सप्ताह बाद सीजीएफ पदक तालिका जारी करेगा जिसमें चंडीगढ़ 2022 राष्ट्रमंडल निशानेबाजी और तीरंदाजी चैम्पियनशिप के पदकों को प्रतिस्पर्धी देशों की वैध रैंकिंग के रूप में जारी किया जाएगा।' इससे पहले जुलाई 2019 में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को हटाए जाने के विरोध में इसका बहिष्कार करने की घमकी दी थी।

सीजीएफ अध्यक्ष लुइस मार्टिन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड ग्रेवेमबर्ग के नवंबर में भारत दौरे के बाद आईओए ने दिसंबर में वार्षिक आम सभा की बैठक के बाद इस बहिष्कार को वापस ले लिया था। आईओए ने इसके बाद निशानेबाजी के साथ तीरंदाजी की मेजबानी का प्रस्ताव इस शर्त के साथ रखा था कि इसके पदकों को 2022 राष्ट्रमंडल खेलों की तालिका में जोड़ा जाए। भारत के इस प्रस्ताव का अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ और विश्व तीरंदाजी ने भी समर्थन किया था। 

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