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नई दिल्ली : भारत को ओडिशा में वर्ष 2018 के सफल विश्वकप आयोजन के बाद वर्ष 2023 में होने वाले पुरूष हॉकी विश्वकप के लिए भी मेज़बानी का जिम्मा सौंपा गया है। भारत में वर्ष 1971 के बाद से यह चौथा मौका है जब हॉकी विश्वकप की मेज़बानी की जाएगी। भारत सहित तीन देशों ने 2022-23 हॉकी विश्वकप मेज़बानी के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। एफआईएच कार्यकारी बोर्ड ने शुक्रवार को स्विटजरलैंड के लुसाने में भारत को 2023 विश्वकप मेजबानी सौंपने की घोषणा की।

एफआईएच टास्क फोर्स ने सभी दावेदारों की गहन समीक्षा करने के बाद कार्यकारी बोर्ड को अपनी सिफारिशें सौंपी थी। इसके बाद वैश्विक संस्था ने 13 से 29 जनवरी 2023 को होने वाले विश्वकप की मेजबानी के लिये भारत को विजेता घोषित कर दिया। वर्ष 2023 में अपनी आज़ादी के 75 बरस पूरे करने जा रहे भारत में हॉकी विश्वकप की मेज़बानी और भी खासी होगी। भारत के लिये यह घरेलू मैदान पर विश्व चैंपियन बनने का भी सुनहरा मौका होगा जो खिताब उसने आखिरी बार 1975 में जीता था। 

गत वर्ष भारत ने पुरूष हॉकी विश्वकप के 14वें संस्करण का ओडिशा के कलिंगा स्टेडियम में आयोजन किया था। वैश्विक स्तर की आधुनिक सुविधाओं से लैस कलिंगा स्टेडियम में टूर्नामेंट का आयोजन बेहद सफल रहा था। भारत दुनिया का भी पहला देश होगा जहां चार बार हॉकी विश्वकप आयोजित होगा। इससे पहले 1982 में मुंबई, 2010 में नयी दिल्ली और 2018 में भुवनेश्वर में टूर्नामेंट की मेजबानी की गई थी। भारत के अलावा हॉलैंड ने तीन बार पुरूष हॉकी विश्वकप की मेजबानी की है।

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हॉकी इंडिया (एचआई) के अध्यक्ष मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने इस उलपब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, ‘हमें पुरूष हॉकी विश्वकप 2023 की मेजबानी मिलने की बहुत खुशी है। हमने जब बोली प्रक्रिया में हिस्सा लिया था तो हम अपने देश की स्वतंत्रता के 75 बरस का जश्न और भी खास अंदाज़ में मनाना चाहते थे। हमने आखिरी बार भी 1975 में विश्वकप जीता था। ऐसे में देश के इतने खास खेल का यह खास जश्न हम घरेलू जमीन पर एक बार फिर मना सकेंगे।' मुश्ताक ने साथ ही कहा, ‘हमने 2018 विश्वकप की सफल मेजबानी की थी और भरोसा है कि एक बार फिर हम इसी सफलता को दोहरा सकेंगे। दुनिया के शीर्ष देश हमारे यहां एक बार फिर खेलने आएंगे और पिछले अनुभव से हम और बेहतर आयोजन का प्रयास करेंगे।' 

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