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भुवनेश्वर : एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2021-22 में स्पेन के बाद अब भारतीय पुरुष हॉकी टीम जर्मनी की चुनौती के लिए तैयार है। प्रो लीग अभियान में अब तक 4 जीत और 2 हार के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम जर्मनी के खिलाफ प्रतिष्ठित कलिंगा हॉकी स्टेडियम में 12 और 13 मार्च को डबल हेडर मुकाबले में अपने निष्पादन कौशल में सुधार करना चाहेगी। टोक्यो ओलंपिक में भारत की ऐतिहासिक कांस्य पदक जीत का हिस्सा रहे मिडफील्डर हार्दिक सिंह और फारवर्ड शमशेर सिंह ने शुक्रवार को एक वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के बाद से टीम के साथ उनकी सफल यात्रा सहित विभिन्न विषयों पर बात की।

हार्दिक ने कहा कि टीम के साथ मेरे लिए यह एक अविश्वसनीय यात्रा रही है। मैंने 2018 में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान अपनी शुरुआत की थी और तब से मैं इस टीम का अभिन्न अंग बन गया हूं। मैं 2018 विश्व कप का भी हिस्सा था। मेरे लिए अपने देश के लिए उच्चतम स्तर पर खेलना वाकई खास है। मैं अपने सीनियर्स का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मैदान पर मेरी क्षमताओं पर अपार भरोसा दिखाया है। उन्होंने ऐसा माहौल बनाया है कि हर जूनियर के लिए यहां सीनियर टीम में आसानी से ढलना बहुत आसान हो जाता है, इसलिए यह कहूंगा कि सफर सच में विशेष रहा है। 

इस बीच शमशेर ने बताया कि कैसे वह वर्षों से एक खिलाड़ी के रूप में परिपक्व हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़यिों का समर्थन और विश्वास है जिसने मुझे एक खिलाड़ी के रूप में विकसित होने में मदद की है। पिछले साल ओलिम्पिक से पहले लॉकडाउन की अवधि के दौरान मैंने अपने सीनियर्स से बहुत कुछ सीखा। हम अपने खेल और टीम संरचना के बारे में काफी बातें करते थे जिसके जरिए मैं अपनी मूल चीजों पर काम कर सका। मैं अभी भी शिविर में बहुत सी नई चीजें सीख रहा हूं और अपने प्रदर्शन के अनुरूप रहने की कोशिश कर रहा हूं। मैं सच में खुश हूं कि सीनियर्स भी इसमें मेरी मदद कर रहे हैं।

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