Sports

गोंडा (उत्तर प्रदेश) : विनेश फोगाट ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) में सत्ता में बैठे लोग चाहते हैं कि वह इस खेल को छोड़ दें, लेकिन उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वह हार स्वीकार नहीं करेंगी और उन्हें अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगी। WFI ने विनेश को यहां होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए तब तक अयोग्य घोषित कर दिया था, जब तक उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। 

विनेश प्रतियोगिता स्थल पर पहुंचीं और दावा किया कि वह मुकाबले में वापसी के लिए पात्र हैं, जबकि महासंघ ने डोपिंग रोधी नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते हुए उन्हें 26 जून 2026 तक अयोग्य घोषित कर दिया है। WFI ने उनकी भागीदारी को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। WFI अधिकारियों से मिलने के बाद विनेश ने पत्रकारों से कहा, 'आप मुझसे क्या उम्मीद करते हैं? क्या मैं संन्यास ले लूं और दूर हो जाऊं? हार मान लूं? जिससे कि मेरे खिलाफ उनकी साजिश कामयाब हो जाए? वे चाहते हैं कि मैं कुश्ती छोड़ दूं, मैं थक जाऊं, मैं हाथ जोड़ लूं और चली जाऊं। संजय सिंह, बृज भूषण, उनकी टीम—वे सभी जिनका इस पर नियंत्रण है, जिनके पास सत्ता है।' 

विनेश ने कहा कि उन्होंने WFI के कारण बताओ नोटिस पर संक्षिप्त जवाब भेज दिया है और 14 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब देंगी। उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे (संजय सिंह) कहा कि 14 दिनों में विस्तृत जवाब दे दूंगी, लेकिन उससे पहले ही मुझे दोषी कैसे माना जा सकता है? कम से कम 14 दिनों तक तो मुझे मत रोकिए। उसके बाद जो कार्रवाई करनी हो, कर लीजिए। लेकिन वह विस्तृत जवाब पर ही अड़े हुए हैं।' 

उन्होंने कहा, 'मैंने 12 दिसंबर को पत्र भेजकर बताया था कि मैं खेल में वापसी करना चाहती हूं और प्रशिक्षण शुरू कर चुकी हूं। फिर छह महीने तक इंतजार क्यों किया गया? मैं प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंची और तब मुझ पर प्रतिबंध लगा दिया गया। यह बात पहले भी बताई जा सकती थी। ऐसा लगता है कि मुझे प्रतिबंधित करने का पहले से ही फैसला कर लिया गया था। यह पूरी तरह पूर्व-नियोजित है।' विनेश ने कहा, 'हम अपने वकील के जरिए पहले ही जवाब दे चुके हैं। अब हम एक और विस्तृत जवाब तैयार कर रहे हैं, जिसमें अपनी ओर से हर संभव बात रखेंगे। लेकिन मैं उन बातों को स्पष्ट करना चाहती हूं जो नोटिस में लिखी गई हैं। उनमें से एक बिंदु विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) से संबंधित था।' 

जब उनसे पूछा गया कि क्या हाल के घटनाक्रमों के बाद वह अदालत का रुख करेंगी, तो विनेश ने कहा, 'देखते हैं। हम अपनी क्षमता के अनुसार जो कुछ भी कर सकते हैं, करने की कोशिश करेंगे।' विनेश ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी डोपिंग रोधी नियम का उल्लंघन नहीं किया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी के लिए उन्हें वाडा से अनुमति मिल चुकी थी। उन्होंने कहा, 'मैंने एक बार अपनी उपस्थिति' की जानकारी अपडेट नहीं की थी, जबकि खिलाड़ियों को तीन बार ऐसी छूट होती है। कोई भी शीर्ष खिलाड़ी कभी-कभी ऐसी भूल कर सकता है। उस समय मैं विधानसभा सत्र में व्यस्त थी और अपडेट करना भूल गई थी। इसके लिए मैंने वाडा से माफी भी मांगी।' 

विनेश के अनुसार, 'वाडा ने मुझे क्लीन चिट दी और कहा कि मैं किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकती हूं। लेकिन यहां (WFI) कहा जा रहा है कि वे संतुष्ट नहीं हैं। मैंने डोप टेस्ट के बाद ही प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मैं डोपिंग को लेकर पूरी तरह पाक-साफ हूं और हमेशा रही हूं। मैं किसी का हक नहीं छीन रही, बस अपने लिए निष्पक्ष मौका चाहती हूं।' 

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पिछले साल जून में ही खेल में वापसी की सूचना दे दी थी। उन्होंने कहा, 'मैंने जून में ही बता दिया था कि मैं फिर से कुश्ती शुरू कर रही हूं, आप मेरा टेस्ट (डोपिंग जांच) कर सकते हैं। मैंने उन्हें छह महीने का समय दिया। अब यह उनका अधिकार है कि वे कब टेस्ट करना चाहते हैं।' विनेश ने यह भी दावा किया कि उन्हें बताया गया था कि एक जनवरी 2026 से वे अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में हिस्सा ले सकती हैं। उन्होंने कहा, "मैं नियम जानती हूं और वाडा के प्रति जवाबदेह हूं। मैंने ब्रेक के लिए अनुरोध किया था क्योंकि मैं गर्भवती थी। बाद में मैंने वापसी की सूचना भी दे दी थी।' 

विनेश ने कहा कि पहलवानों को जिन असुरक्षाओं का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें दूर करना डब्ल्यूएफआई नेतृत्व की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, 'मैं इतने वर्षों से इस दौर से गुजर रही हूं, इसलिए मेरे मन में ये असुरक्षाएं हैं। डब्ल्यूएफआई के प्रमुख के तौर पर इन असुरक्षाओं को दूर करना आपकी जिम्मेदारी है।' पास के अयोध्या हवाई अड्डे पर उतरने के तुरंत बाद विनेश ने WFI के कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया। उन्होंने दावा किया कि संन्यास लेने वाले खिलाड़ियों से संबंधित विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) का नियम 5.6.1 उन पर लागू नहीं होता, क्योंकि उन्होंने जून में ही यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) को संन्यास के बाद दोबारा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के अपने फैसले के बारे में सूचित कर दिया था। 

UWW के सूत्रों ने हालांकि बताया कि महासंघ उनके जवाब से संतुष्ट नहीं था। उनका मानना था कि पहलवान ने केवल पात्रता वाले पहलू पर ही बात की है, जबकि शनिवार को जारी विस्तृत नोटिस में उन पर लगाए गए व्यापक अनुशासनात्मक आरोपों का उन्होंने पूरी तरह से जवाब नहीं दिया है।