गोंडा : भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) से नये विवाद की शुरूआत करते हुए विनेश फोगाट ने महासंघ द्वारा लगाये गए प्रतिबंध को धता बताते हुए सोमवार को कहा कि वह संन्यास नहीं लेंगी और राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भाग लेंगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह WFI के कारण बताओ नोटिस का जवाब दे चुकी हैं और संन्यास से वापसी की पात्रता रखती हैं। वहीं महासंघ ने कहा कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक वह टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सकती हैं।
राष्ट्रीय महासंघ ने इससे पहले कहा था कि विनेश 26 जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंटों में भाग नहीं ले सकती क्योंकि डोपिंग रोधी नियमों के तहत संन्यास के वापसी के बाद उन्होंने छह महीने का अनिवार्य नोटिस पूरा नहीं किया है। विनेश ने WFI अधिकारियों से मिलने के बाद पत्रकारों से कहा, 'आप आखिर मुझसे क्या चाहते हैं। क्या मैं संन्यास लेकर परे हो जाऊं। हार मान लूं। ताकि मेरे खिलाफ उनकी साजिश कामयाब हो जाए।'
अयोध्या हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद विनेश ने WFI के कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया। उन्होंने दावा किया कि विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की संहिता का रिटायर्ड खिलाड़ियों से जुड़ा नियम 5.6.1 उन पर लागू नहीं होता क्योंकि वह जून में ही युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) को संन्यास के बाद वापसी के अपने फैसले से अवगत करा चुकी हैं। UWW के नियमों के अनुसार संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ी को कम से कम छह महीने पहले उसे सूचित करना जरूरी है जबकि इस दौरान टेस्ट के लिए भी उपलब्ध रहना होगा।
विनेश ने अपने जवाब में कहा कि उन्होंने UWW को पहले ही अपनी वापसी की जानकारी दे दी थी, लिहाजा प्रक्रियागत जरूरतें वह पूरी कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वह WFI को 12 दिसंबर को ही सूचित कर चुकी थी कि वह वापसी करना चाहती हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे कारण बताओ नोटिस देने के लिए छह महीने इंतजार क्यो किया गया और वह भी टूर्नामेंट से दो दिन पहले।' उन्होंने एक छोटा जवाब दे दिया है और 14 दिन के भीतर पूरा जवाब देंगी।
WFI सूत्रों ने हालांकि कहा कि महासंघ उनके जवाब से संतुष्ट नहीं है और उसका मानना है कि विनेश ने सिर्फ पात्रता के पहलू पर जवाब दिया है जबकि उनके खिलाफ लगाये गए अनुशासनहीनता के आरोपों का जवाब नहीं दे सकी हैं। महासंघ के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, 'उनका जवाब पूरा नहीं है। उन्होंने पूरे कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया है। जब तक अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, वह भाग नहीं ले सकती।' उन्होंने कहा, 'हम उन्हें यहां आने से नहीं रोकेंगे लेकिन हर मसले पर पूरा स्पष्टीकरण मिलने तक उन्हें इंतजार करना होगा।'
विवाद की शुरूआत तब हुई जब WFI ने विनेश को तल्ख कारण बताओ नोटिस जारी करके उन पर अनुशासनहीनता, महासंघ के नियम तोड़ने और डोपिंग रोधी प्रक्रिया के उल्लंघन का आरोप लगाया। इससे पहले विनेश ने दावा किया था कि महासंघ उसकी वापसी रोकने का प्रयास कर रहा है। महासंघ ने यह भी कहा कि गलत धारणा फैलाई जा रही है कि विनेश को भागीदारी से रोकने के लिये राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में चयन के मानदंड बदले गए हैं।
विनेश ने पेरिस ओलंपिक 2024 में महिलाओं के 50 किलो वर्ग में स्वर्ण पदक के मुकाबले से अयोग्य करार दिये जाने के बाद कुश्ती से संन्यास ले लिया था। विनेश के पति सोमबीर राठी ने कहा कि उसने आधिकारिक रूप से संन्यास की कभी घोषणा नहीं की और सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। वहीं WFI का कहना है कि दिसंबर 2024 में UWW के पत्र में कहा गया है कि उसने इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) को इसके बारे में बताया था।
महासंघ ने उनसे चार प्रमुख आरोपों पर सफाई मांगी है जिसमें 2024 पेरिस ओलंपिक से अयोग्य करार दिये जाने, डोपिंग रोधी नियमों के तहत ठौर ठिकाना बताने में कथित तौर पर नाकाम रहने और आईओए द्वारा नियुक्त तत्कालीन तदर्थ समिति द्वारा मार्च 2024 में कराये गए ट्रायल में दो भार वर्गों में भाग लेना शामिल है। महिला पहलवानों का वजन सोमवार को शाम पांच से सात बजे के बीच किया जायेगा और प्रतियोगिता मंगलवार को है।