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स्पोर्ट्स डेस्क: Abhijeet Gupta ने इस साल आयोजित ओडिशा ओपन शतरंज टूर्नामेंट की पुरस्कार राशि नहीं मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। भारतीय ग्रैंडमास्टर ने अब इस मामले में खेल मंत्रालय से हस्तक्षेप करने की मांग की है। अभिजीत ने इससे पहले All India Chess Federation (AICF) को भी पत्र लिखकर शिकायत की थी, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया।

जनवरी में जीता था ओडिशा ओपन खिताब

अभिजीत गुप्ता ने जनवरी 2026 में ओडिशा ओपन शतरंज टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया था। उनका दावा है कि आयोजकों पर अभी भी 5.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि बकाया है। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट जीतने के बाद आयोजकों ने एक महीने के भीतर भुगतान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक राशि नहीं मिली।

‘अब आयोजकों ने जवाब देना भी बंद कर दिया’

अभिजीत गुप्ता ने कहा, 'मैंने जनवरी में ओडिशा ओपन जीता था। आयोजकों ने भरोसा दिलाया था कि एक महीने में पुरस्कार राशि दे दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।' उन्होंने आगे कहा, 'जब मैंने बाद में उनसे संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने जवाब देना भी बंद कर दिया।'

सोशल मीडिया पर छलका दर्द

ग्रैंडमास्टर अभिजीत गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, 'मैं खेल मंत्रालय से विनम्र अनुरोध करता हूं कि इस मामले पर ध्यान दिया जाए और खिलाड़ियों को पारदर्शिता व जवाबदेही के साथ उनकी उचित पुरस्कार राशि दिलाई जाए।' उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ पुरस्कार राशि का मामला नहीं है, बल्कि भारत के हर शतरंज खिलाड़ी की गरिमा और भरोसे का सवाल है।'

राज्य संघ के विवाद से फंसा मामला

सूत्रों के मुताबिक, Odisha Chess Association के भीतर आंतरिक विवाद चल रहा है। इसी कारण संघ का बैंक खाता फ्रीज हो गया है, जिससे खिलाड़ियों को भुगतान नहीं हो पा रहा। AICF से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि राज्य संघ के भीतर दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है, जिसके चलते आर्थिक लेनदेन प्रभावित हुआ है।

खिलाड़ियों को नहीं मिल पा रहा बकाया

सूत्र ने कहा, 'संघ के अंदरूनी विवाद की वजह से बैंक खाता फ्रीज हो गया है। यही कारण है कि खिलाड़ियों को उनकी पुरस्कार राशि नहीं मिल पा रही है।' इस मामले ने भारतीय शतरंज जगत में खिलाड़ियों के हितों और टूर्नामेंट प्रबंधन को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।