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मुम्बई : कुछ तो है जो टिम डेविड को एक अलग बल्लेबाज़ बनाता है। एक तो उनकी लंबाई है और दूसरी यह कि वह क्रीज़ के भीतर काफ़ी मज़बूती से खड़े होते हैं। इसके अलावा उनकी बैट-स्पीड और हाथ और आंखों के बीच तालमेल भी बहुत अच्छा है। जब उन्हें मुंबई इंडियंस ने सवा आठ करोड़ रुपए में ख़रीदा था तो कोई आश्चर्य की बात नहीं थी। लेकिन जब उन्हें सिर्फ दो मौके देकर बाहर बैठा दिया गया तो सबको आश्चर्य हुआ। कप्तान रोहित शर्मा और मुंबई इंडियंस प्रबंधन को पर्याप्त मौक़े देने के लिए जाना जाता है, लेकिन डेविड के मामले में ऐसा नहीं हुआ तो और अजीब लगा। डेविड ने मैदान से बाहर रहते हुए अपनी तैयारी को जारी रखा। 

उन्होंने कहा कि मैं बाहर था तो मैंने अपने समय का भरपूर इस्तेमाल ट्रेनिंग में किया। मैंने जिम और नेट्स पर समय बिताया और किसी भी मौके के लिए तैयार रहा। यह परिस्थितियों से अनुकूल होने का भी समय था। डेविड को मौका एक महीने बाद मिला जब मुंबई प्रतियोगिता से लगभग बाहर हो गई थी। उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया और कुछ महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। सनराइज़र्स हैदराबाद के ख़लिाफ़ मैच में तो उन्होंने मुंबई को मैच में वापस ला दिया। 

वह कहते हैं कि मैं नेट्स पर बहुत समय बिताता हूं और छक्के मारने का अभ्यास करता हूं। यह सब गेंदबाज पर दबाव बनाने का खेल है। अगर आप मैच की परिस्थितियों को समझकर गेंदबाज़ पर दबाव बनाते हैं तो चीज़ें आपके पक्ष में जाएगी। इसके अलावा आपको अपने कौशल पर विश्वास रखना होगा। इसके लिए मानसिक तैयारी के प्रश्न पर डेविड ने कहा कि सिक्स हिटिंग के लिए आपको मन से मज़बूत और स्पष्ट होना होता है। अगर आप स्पष्ट नहीं हैं तो इससे आपके प्रदर्शन पर असर पड़ेगा। अगर आपको अपनी प्रक्रिया पर भरोसा है तो आप सर्वश्रेष्ठ परिणाम लाएंगे। 
 

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