Sports

बेंगलुरु : भारतीय महिला हॉकी टीम की युवा मिडफील्डर साक्षी राणा इन दिनों बेंगलुरु में चल रहे राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में जमकर पसीना बहा रही हैं। 18 वर्षीय साक्षी का कहना है कि वह हर दिन यही सोचकर मैदान पर उतरती हैं कि उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना है।

राष्ट्रीय शिविर में मुख्य कोच शॉर्ड मारिन और साइंटिफिक एडवाइजर वेन लोम्बार्ड के मार्गदर्शन में टीम एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 क्वालिफायर की तैयारी कर रही है।

कोच की रणनीति पर पूरा भरोसा

साक्षी ने कहा, 'हर दिन मैं यह सोचकर बाहर निकलती हूं कि मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देना है। अगर मैं क्वालिफाइंग राउंड में खेलती हूं, तो मेरा लक्ष्य जीतकर लौटना है। फिलहाल हम हर दिन कड़ी मेहनत कर रहे हैं और कोच द्वारा बनाए गए प्लान को पूरी तरह लागू करने की कोशिश कर रहे हैं।'

उन्होंने बताया कि कोचिंग स्टाफ टीम की कमजोरियों पर विशेष ध्यान दे रहा है। फिटनेस, ताकत और रिकवरी पर लगातार काम हो रहा है। वेन लोम्बार्ड खिलाड़ियों को शारीरिक क्षमता और रिकवरी के महत्व को समझा रहे हैं।

सीनियर खिलाड़ियों से मिल रही प्रेरणा

साक्षी ने कहा कि सीनियर खिलाड़ी जूनियर खिलाड़ियों को लगातार प्रेरित कर रहे हैं। टीम में सकारात्मक माहौल है और सभी खिलाड़ी एक-दूसरे को बेहतर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

वन-ऑन-वन मीटिंग में कोच ने साक्षी को प्री-स्कैनिंग और ऑन-फील्ड कम्युनिकेशन सुधारने की सलाह दी। चूंकि वह सेंटर मिडफील्ड में खेलती हैं, इसलिए खेल को तेजी से पढ़ना और सही समय पर पास देना बेहद जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव तेजी से बनता है, ऐसे में निर्णय क्षमता अहम हो जाती है।

क्वालिफायर पर नजर

भारत का अभियान एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 क्वालिफायर में 8 मार्च को तेलंगाना के हैदराबाद में उरुग्वे के खिलाफ शुरू होगा। इसके बाद टीम 9 मार्च को स्कॉटलैंड और 11 मार्च को वेल्स का सामना करेगी। टीम का लक्ष्य क्वालिफाइंग राउंड में दमदार प्रदर्शन कर विश्व कप के लिए जगह पक्की करना है।