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नई दिल्ली: भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा के बचपन के कोच श्रवण कुमार ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अपने शिष्य के शानदार प्रदर्शन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह हर दिन अपने खेल में सुधार कर रहे हैं। कोच ने न सिर्फ उनकी गेंदबाज़ी, बल्कि बल्लेबाज़ी में हो रहे विकास पर भी विस्तार से बात की।

स्कूल पहुंची टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी

श्रवण कुमार ने यह बात आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी टूर के दौरान एएनआई से बातचीत में कही। यह ट्रॉफी हर्षित के स्कूल गंगा इंटरनेशनल स्कूल, हिरण कुंडा (दिल्ली) पहुंची थी। श्रवण कुमार इसी स्कूल में क्रिकेट कोच हैं और उन्होंने हर्षित राणा के साथ-साथ भारत के सीनियर तेज़ गेंदबाज़ ईशांत शर्मा को भी उनके शुरुआती दिनों में प्रशिक्षित किया है।

नई गेंद से भारत का भरोसेमंद हथियार बने हर्षित

हाल के समय में हर्षित राणा नई गेंद से भारत के लिए बेहद प्रभावी साबित हुए हैं। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज़ में उन्होंने डेवोन कॉनवे को पांच बार आउट किया। तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में हर्षित ने 6 विकेट लिए, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/84 रहा। वहीं, टी20I सीरीज़ में दो मैचों में उन्होंने 2 विकेट झटके। पूरी व्हाइट-बॉल सीरीज़ में उन्होंने चार बार नई गेंद से सफलता हासिल की।

कोच श्रवण कुमार ने क्या कहा

श्रवण कुमार ने एएनआई से कहा, 'वह दिन-प्रतिदिन अपने प्रदर्शन में सुधार कर रहा है। जितना ज्यादा अनुभव मिलेगा, उतना ही बेहतर होता जाएगा।'

वनडे और टी20I में लगातार असरदार प्रदर्शन

हर्षित राणा अब तक 14 वनडे मैचों में 26 विकेट ले चुके हैं, जिसमें उनका औसत 27.38 रहा है। उनकी इकॉनमी रेट 6.21 जरूर सुधार की गुंजाइश दिखाती है, लेकिन वह एक चार विकेट हॉल भी ले चुके हैं। वहीं, 8 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 9 विकेट, और 2 टेस्ट में 4 विकेट उनके नाम दर्ज हैं।

बल्ले से भी दिखाया दम

सीमित ओवरों में हर्षित ने बल्लेबाज़ी में भी अपनी उपयोगिता साबित की है। अपनी ताकत और लंबे कद का फायदा उठाते हुए वह बड़े-बड़े छक्के लगाने में सक्षम हैं। वनडे में नंबर आठ पर खेलते हुए 7 पारियों में 124 रन, औसत 24.80 और 121 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट के साथ एक अर्धशतक उनके नाम है। टी20I में भी उन्होंने दो पारियों में 48 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 35 रन रहा।

विराट कोहली के साथ यादगार साझेदारी

हर्षित का सबसे यादगार प्रदर्शन वह रहा, जब उन्होंने विराट कोहली के साथ छठे विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी की।
168/6 के स्कोर से भारत को 339 रन के लक्ष्य के करीब पहुंचाने में हर्षित की 43 गेंदों में 52 रन की आक्रामक पारी अहम रही। इससे पहले, उसी सीरीज़ के पहले वनडे में विराट के 93 रन पर आउट होने के बाद हर्षित ने 23 गेंदों में 29 रन बनाकर पारी को संभाला, जिससे केएल राहुल को मैच फिनिश करने का मौका मिला।

बचपन से ही बल्लेबाज़ी पर दिया गया जोर

श्रवण कुमार ने बताया कि स्कूल और अकादमी में सभी गेंदबाज़ों को गेंदबाज़ी अभ्यास के बाद बल्लेबाज़ी भी करवाई जाती थी। उन्होंने कहा, 'हम हर गेंदबाज़ को बल्लेबाज़ी कराते थे। जब गेंदबाज़ बल्ला पकड़ते हैं, तो उनकी सारी थकान दूर हो जाती है।'

‘ऑल-राउंडर कहलाने के लिए प्रदर्शन ज़रूरी’

हर्षित को एक संभावित ऑल-राउंडर मानने पर श्रवण कुमार ने कहा कि खुद को साबित करना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा, 'अगर कपिल देव के करियर को देखें, तो वह नंबर 11 पर बल्लेबाज़ी करने वाले गेंदबाज़ के रूप में आए थे। लेकिन उन्होंने खुद को साबित किया और महान ऑल-राउंडर बने। सिर्फ कह देने से कोई ऑल-राउंडर नहीं बनता, उसके लिए मैदान पर प्रदर्शन करना पड़ता है।'