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भुवनेश्वरः खचाखच भरे रहने वाले कलिंगा स्टेडियम के चारों ओर से भारतीय हाॅकी टीम के समर्थन में उठने वाले शोर ने भले ही मेजबान टीम के लिए टानिक का काम किया हो लेकिन नीदरलैंड के कोच मैक्स कैलडास का मानना है कि गुरूवार को विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में उनकी टीम का इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा । कनाडा को क्रासओवर मैच में 5 - 0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली दुनिया की चौथे नंबर की टीम और तीन बार की चैम्पियन नीदरलैंड का सामना अब भारत से होगा । कोच कैलडास ने कहा ,‘‘ दुनिया की चौथे और पांचवें नंबर की टीमों के बीच यह मुकाबला रोचक होगा ।’’ यह पूछने पर कि दर्शकों का कितना असर उनकी टीम पर पड़ेगा, उन्होंने कहा कि स्टेडियम की भीड़ उनके लिये कोई मसला नहीं है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ हमें इस तरह भरे मैदानों पर खेलने की आदत है । हमने भारत को पहले भी हराया है और मेरे खिलाडिय़ों पर दर्शकों के शोर का कोई फर्क नहीं पड़ेगा ।’ वहीं कप्तान बिली बाकेर ने स्वीकार किया कि मैच में होने वाले शोर से खिलाडिय़ों को मैदान के भीतर आपसी संवाद पर अतिरिक्त मेहनत करनी होगी । उन्होंने कहा ,‘‘ यह शोर हमारे लिये प्रेरणा का काम करेगा और भारत को हराने में मजा आएगा । दर्शकों का दबाव हम पर नहीं बल्कि मेजबान टीम पर होगा । हमें मैदान के भीतर आपसी संवाद पर अतिरिक्त मेहनत करनी होगी क्योंकि शोर बहुत अधिक होगा ।’’ भारत और नीदरलैंड के बीच पिछले नौ मैचों में दोनों टीमों ने चार चार जीते हैं और एक ड्रा रहा है । विश्व कप में भारतीय टीम पिछली उपविजेता नीदरलैंड के खिलाफ छह में से एक भी मैच नहीं जीत सकी है ।

कोच कैलडास ने हालांकि कहा कि पिछले रिकार्ड इस मैच में मायने नहीं रखते । उन्होंने कहा,‘‘ अतीत में क्या हुआ, यह अब मायने नहीं रखता । यह नया मैच है, नये हालात और नयी टीम है । हमारा फोकस अपने प्रदर्शन पर है और हम पिछले रिकार्ड पर ध्यान नहीं दे रहे । यह मैच चुनौतीपूर्ण होगा और हम इस चुनौती का सामना करने के लिये तैयार हैं।’’ कनाडा के खिलाफ डच टीम ने पांचों फील्ड गोल किये । यह पूछने पर कि क्या पेनल्टी कार्नर पर अतिरिक्त मेहनत करने की जरूरत है , कप्तान बाकेर ने ना में जवाब दिया । उन्होंने कहा ,‘‘ यह अच्छी बात है कि हमारे खिलाड़ी इतने खूबसूरत फील्ड गोल कर रहे हैं । मैच जीतने और गोल करने से मतलब है । गोल कैसे होते हैं, यह उतना मायने नहीं रखता लेकिन हमारे पास बेहतरीन पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ भी हैं ।’’


 

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