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स्पोर्ट्स डेस्क : मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ से बाहर कर दिया है। इस मैच में मुंबई के गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चेन्नई की पूरी टीम को 97 रन पर ऑलआउट कर दिया। लक्ष्य का पीछा करने आई मुंबई की टीम को थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पर अंत में टीम ने 14.5 ओवर में 5 विकेट गंवाकर लक्ष्य को हासिल कर लिया। हार के बाद चेन्नई के कप्तान धोनी ने कहा कि 130 रन से नीचे के स्कोर बचा पाना हमेशा से ही मुश्किल रहा है।

धोनी ने कहा कि विकेट कैसा भी रहा हो अगर स्कोर 130 से कम है तो इस बचा पाना काफी मुश्किल होता है। लेकिन मैंने गेंदबाजों से कहा कि वह इस मैच के नतीजे के बारे में भूल जाएं और अपना चरित्र दिखाएं। दोनों ही युवा गेंदबाज मुकेश चौधरी और सिमरजीत सिंह ने बहुत बढ़िया गेंदबाजी की। मुझे लगता है कि यह मैच उन्हें काफी मदद करेगा कि विकेट और हालात कैसें भी हों अगर आप उसी अंदाज में खेलोगे तो यह छोटे फॉर्मेट में मदद करेगा। 

धोनी ने आगे कहा कि हम ऐसे दौर से गुजरे हैं जहां हमारे पास तेज गेंदबाजों की असाधारण बेंच कभी नहीं थी। साथ ही तेज गेंदबाज भी परिपक्व होने में अपना समय लेते हैं, यदि आप भाग्यशाली हैं तो आपको कोई ऐसा मिल जाता है जो छह महीने के समय में सभी प्रारूपों में खेल सकता है और यही आईपीएल कर रहा है और यह उनमें से बहुतों के लिए एक अवसर है। वे अब थोड़ी साहसी गेंदबाजी करते हैं जो इस तरह के प्रारूप में बहुत महत्वपूर्ण है। धोनी ने आगे कहा कि तेज गेंदबाजों का उन दोनों का वास्तव में अच्छा होना एक बड़ा सकारात्मक है और साथ ही हमारे पास अगले सीजन में दो और तेज गेंदबाज आने वाले हैं। साथ ही हमारे पास टीम में कुछ और हैं। बस उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त समय देना चाहते हैं। 

अपनी बल्लेबाजी पर धोनी ने कहा कि जब आप उस तरह के दबाव में बल्लेबाजी कर रहे होते हैं तो यह पहली कुछ गेंदें होती हैं जो महत्वपूर्ण होती हैं, इसलिए यह बचने का मौका था। एक बार जब वे उन पहले कुछ गेंदों को पार कर लेते हैं, तो वे अपना स्वभाविक खेल दिखा सकते हैं। आज उसका फायदा नहीं हुआ लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की। उम्मीद है कि वे हर खेल के साथ सीख रहे हैं।

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