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लुसानै : दक्षिण अफ्रीका के पोटचेफस्ट्रूम में एक से 12 अप्रैल तक खेले जाने वाले आगामी महिला जूनियर हॉकी विश्व कप में 16 टीमें भाग लेंगी। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। एफआईएच की ओर से भारत को जर्मनी, मलेशिया और वेल्स के साथ पूल डी में रखा गया है, जबकि पूल में कनाडा, नीदरलैंड, अमेरिका और जिम्बाब्वे शामिल हैं। इंग्लैंड, आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन को पूल बी और पूल सी में अर्जेंटीना, कोरिया, रूस और उरुग्वे मौजूद है। 

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उल्लेखनीय है कि टूर्नामेंट मूल रूप से दिसंबर 2021 में खेला जाना था, लेकिन कोरोना के ओमिक्रॉन स्वरूप के प्रकोप के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। जापान, बेल्जियम और स्पेन ने इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया था, लेकिन अब तीनों देशों ने पुनर्निर्धारित शेड्यूल में हिस्सा न लेने का फैसला किया है और अब उनकी जगह मलेशिया, यूक्रेन और वेल्स ने ले ली है।

इसी तरह ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और चीन भी पिछले साल कोरोना संबंधित कारणों के चलते पीछे हट गए थे और उनकी जगह अर्जेंटीना, आयरलैंड और कोरिया को शामिल किया गया था। इस बीच एफआईएच ने सभी टीमों का समर्थन करने के लिए प्रत्येक टीम में खिलाड़ियों  की संख्या 20 तक बढ़ाने का फैसला किया है, हालांकि किसी भी मैच की प्रारंभिक सूची में केवल 18 खिलाड़यिों को ही अनुमति दी जाएगी।

टूर्नामेंट पहले के शेड्यूल के मुकाबले अब एक दिन पहले शुरू और खत्म होगा, जिससे खिलाड़ियों को अपने संबंधित क्लबों में वापस आने और घरेलू मुकाबलों के लिए उपलब्ध होने में मदद मिलेगी। एफआईएच के सीईओ थियरी वेइल ने एक बयान में कहा कि एफआईएच हॉकी जूनियर विश्व कप अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के करियर में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। हम दक्षिण अफ्रीका में टूर्नामेंट के आगामी संस्करण की मेजबानी करने में सक्षम होने के लिए सच में खुश हैं, क्योंकि हमारे पास पिछले साल इसे स्थगित करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था। हम कुछ ही हफ्तों में हॉकी के कई उभरते सितारों को एक्शन में देखने के लिए उत्सुक हैं।

उल्लेखनीय है कि यह एफआईएच हॉकी महिला जूनियर विश्व कप का नौवां संस्करण होगा। 2016 में चिली के सैंटियागो में हुआ पिछला संस्करण अर्जेंटीना ने जीता था। उसने फाइनल में नीदरलैंड को मात दी थी, जिसने अब तक रिकॉर्ड तीन (1997, 2009, 2013) जूनियर विश्व कप जीते हैं।  

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