मोंटेसिल्वानों, इटली (निकलेश जैन) भारत की 12 वर्षीय डब्ल्यूएफएम प्रतीति बरदोलोई ने फ़ीडे विश्व यूथ शतरंज चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-18 बालिका वर्ग का रजत पदक अपने नाम किया। अपने से अधिक उम्र और अनुभव वाली खिलाड़ियों के बीच खेलते हुए प्रतीति पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहीं और 11 राउंड में 7 जीत व 4 ड्रॉ के साथ 9 अंक बनाकर भारत का एकमात्र पदक जीतने में सफल रहीं।
विश्व खिताब फ़ीडे की डब्ल्यूएफएम वैलेरिया क्लेमेनोवा ने 10 अंकों के साथ जीता, जबकि चीन की विम वांग किनशुआनयी 8 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
प्रतीति के अभियान का सबसे महत्वपूर्ण क्षण सातवें राउंड में आया, जब उनका सामना बाद में विश्व चैंपियन बनने वाली वैलेरिया क्लेमेनोवा से हुआ। उस मुकाबले में प्रतीति जीत के बेहद करीब पहुँच गई थीं। यदि वह बाजी उनके पक्ष में जाती, तो विश्व खिताब की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती थी। हालांकि इसके बावजूद पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक रहा।

प्रतीति ने हर मुकाबले में अपनी बेहतरीन ओपनिंग तैयारी, सटीक रणनीति, शानदार एकाग्रता और समय के उत्कृष्ट प्रबंधन से प्रभावित किया। उन्होंने कई अधिक रेटिंग वाली खिलाड़ियों के खिलाफ भी बिना किसी दबाव के आत्मविश्वास से खेलते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
अंतिम राउंड में मंगोलिया की डब्ल्यूएफएम एरदनेबयार खुसलेन पर मिली जीत ने उनका रजत पदक सुनिश्चित किया और भारत को इस विश्व यूथ चैंपियनशिप में खाली हाथ लौटने से बचा लिया।
इस शानदार प्रदर्शन के दौरान प्रतीति ने लगभग 2370 का परफॉर्मेंस रेटिंग हासिल किया और करीब 130 एलो रेटिंग अंक जोड़ते हुए अपनी लाइव रेटिंग लगभग 2260 तक पहुँचा दी।
सिर्फ 12 वर्ष की उम्र में अंडर-18 विश्व स्तर पर यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय महिला शतरंज को भविष्य के लिए एक और असाधारण प्रतिभा मिल चुकी है।
अंतिम परिणाम – अंडर-18 बालिका वर्ग
🥇 वैलेरिया क्लेमेनोवा (फ़ीडे) – 10/11
🥈 प्रतीति बरदोलोई (भारत) – 9/11
🥉 वांग किनशुआनयी (चीन) – 8/11