Sports
नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) भारत दौरे पर आयी फीफा-एएफसी की टीम ने गुरूवार को भारतीय फुटबॉल में चल रहे विवाद को खत्म करने के लिये समय सीमा तय की और हितधारकों को राष्ट्रीय महासंघ के संविधान को मंजूरी देने के लिये 31 जुलाई और चुनाव कराने के लिये 15 सितंबर तक का समय दिया। ऐसा नहीं करने पर देश पर विश्व संस्था द्वारा प्रतिबंध लग सकता है।

देश के तीन दिवसीय दौरे के समापन के दिन एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) महासचिव विंडसर जॉन की अगुआई वाली टीम ने स्पष्ट किया कि इस समय सीमा का कड़ाई से पालन होना चाहिए।

फीफा प्रतिबंध का मतलब होगा कि अक्टूबर में होने वाला महिला अंडर-17 विश्व कप देश से छीन लिया जायेगा।

इस चर्चा की जानकारी रखने वाले एक शीर्ष सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘‘फीफा-एएफसी की संयुक्त टीम ने यह स्पष्ट किया कि समय सीमा का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो देश पर प्रतिबंध लग सकता है और अंडर-17 महिला विश्व कप छीना जा सकता है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘फीफा नये अधिकारियों को अंडर-17 महिला विश्व कप की तैयारी के लिये काफी समय देना चाहता है इसलिये चुनाव कराने के लिये 15 सितंबर की तारीख तय की है ताकि चुने हुए अधिकारी 20 सितंबर से कार्यभार संभाल सकें। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब फैसला सीओए (प्रशासकों की समिति) को करना है कि वह एआईएफएफ को 31 जुलाई तक नया संविधान मंजूर कराने में मदद करे। राज्य संघों ने भी हर संभव मदद का वादा किया है। ’’
पिछले महीने उच्चतम न्यायालय ने प्रफुल्ल पटेल की अगुआई वाले दल को बाहर करके नया संविधान बनाने और चुनाव कराने के लिये तीन सदस्यीय प्रशासकों की समिति नियुक्त की थी।

सुनवाई की अगली तारीख 21 जुलाई (हालांकि फैसलों की सूची में यह 23 जुलाई लिखी है) है। एक बार उच्चतम न्यायालय हरी झंडी देता है तो नये संविधान के सात दिन के भीतर मंजूर किये जाने की उम्मीद है।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।
.
.
.
.
.