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नई दिल्ली ( निकलेश जैन ) लंदन में गत वर्ष नवंबर में हुई  नॉर्वे के मेगनस कार्लसन और अमेरिका के फबियानों करूआना के बीच खेली गयी विश्व शतरंज चैंपियनशिप में  सभी 12 क्लासिकल मुक़ाबले ड्रॉ हो गए थे और परिणाम टाईब्रेकर से सामने आया था । सभी मुक़ाबले ड्रॉ होने का असर कुछ यूं हुआ की दुनियाभर से शतरंज प्रेमी और खेल विशेषज्ञों नें इसकी आलोचना की थी क्यूंकी इसे खेल के प्रचार प्रसार के लिए अच्छा नहीं माना गया था  और इसके बाद ही विश्व चैंपियनशिप के नियमों में  बदलाव की उम्मीद की जा रही थी । 
 

विश्व शतरंज संघ ( फीडे ) नें आगामी विश्व शतरंज चैंपियनशिप के नियमों में बड़ा बदलाव किया है और यह बदलाव कुछ ऐसे है जो निश्चित तौर पर विश्व चैंपियनशिप को रोचक तो बनाएँगे ही साथ ही साथ अब मैच में परिणाम निकलने की संभावना बढ़ गयी है ,या यूं कहे बेहतर खिलाड़ी इस मैच में साफ निखरकर सामने आएगा । 

अब 12 की जगह होंगे 14 मुक़ाबले -2020 से  विश्व चैंपियनशिप में अब 14 क्लासिकल मुक़ाबले खेले जायेंगे रेस्ट डे अब 6 की जगह 5 कर दिये गए है

बदले ड्रॉ के नियम - अब काले की 40 वी चाल के पहले मैच ड्रॉ नहीं खेले जाएंगे मतलब कोई भी ड्रॉ सहमति से नहीं हो सकेगा 40 चालों के पहले जो की परिणाम की संभावना को बढाता है । 

टाइम कंट्रोल - टाइम कंट्रोल मे बड़ा बदलाव किया गया है  अब पहली 40 चालों के लिए 120 मिनट दिये जाएंगे उसके बाद अगली 20 चालों के लिए  60 मिनट और दिये जाएँगे अगर 60 चाल के बाद भी मैच चला तो फिर तो 15 मिनट और 30 सेकंड प्रति चाल का टाइम कंट्रोल मिलेगा

पुरुष्कार राशि-  अब विश्व चैंपियनशिप की पुरूष्कार राशि कम से कम 2 मिलियन डॉलर होगी और जीतने वाले खिलाड़ी को 60 % और हारने वाले को 40% मिलेगी टाईब्रेकर आने पर यह औसत 55% और 45 % हो जाएगा महिला विश्व चैंपियनशिप मे 12 मैच होंगे और पुरूष्कार राशि अब 2 लाख यूरो की जगह 5 लाख यूरो होगी

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