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स्पोर्ट्स डेस्क : भारत के पूर्व लेग-स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर बढ़ रहे उत्साह में अपनी बात रखी है। उनका मानना ​​है कि अगर इस 15 साल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अगले साल होने वाले ODI वर्ल्ड कप में मौका दिया जाए, तो वह सच में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। शनिवार को ही इस युवा खिलाड़ी ने ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड के खिलाफ अपना T20I डेब्यू किया और भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए।

शिवरामकृष्णन का मानना ​​है कि चयनकर्ताओं को सिर्फ़ सबसे छोटे फ़ॉर्मेट से आगे सोचना चाहिए। उन्होंने टीम मैनेजमेंट से आग्रह किया कि वे सूर्यवंशी को T20I और वनडे इंटरनेशनल, दोनों में लगातार मौके दें। अपने इंटरनेशनल डेब्यू पर इस युवा खिलाड़ी ने जबरदस्त प्रतिभा की एक छोटी लेकिन रोमांचक झलक दिखाई, जिसने उन्हें वर्ल्ड क्रिकेट का नया पोस्टर बॉय बना दिया है। उन्होंने 9 गेंदों पर 14 रन बनाए। जोफ्रा आर्चर और जोश टोंग की तेज गेंदों का सामना करते हुए सूर्यवंशी ने बिना किसी दबाव के दोनों गेंदबाजों पर एक-एक जबरदस्त छक्का लगाया और आखिर में स्टंप आउट हो गए।

यह ऐतिहासिक डेब्यू लोगों की जबरदस्त मांग के बाद हुआ। हैरानी की बात है कि भारत ने आयरलैंड में दो T20I और चेस्टर-ले-स्ट्रीट में इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के पहले मैच में इस युवा खिलाड़ी को बेंच पर बिठाए रखा था। शनिवार को मैनेजमेंट आखिरकार मान गया और संजू सैमसन की जगह सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में शामिल किया जिससे उन्हें 15 साल और 99 दिन की कम उम्र में भारत के लिए खेलने का पहला मौका (कैप) मिला।

शिवरामकृष्णन ने कहा, 'अगर वह टी20 फॉर्मेट में बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें आने वाले 50 ओवरों के वर्ल्ड कप में जरूर मौका मिलना चाहिए। उन्हें मौका मिलना चाहिए क्योंकि वह मैच विनर साबित होंगे। जब वह रन बनाएंगे, तो वह व्हाइट-बॉल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में मैच विनर साबित होंगे।'

माना जाता है कि भारत के सामने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में खिलाड़ियों की भरमार की समस्या है। जहां सूर्यवंशी ने सफलतापूर्वक T20I टीम में अपनी जगह बना ली है, वहीं वनडे टीम में जगह के लिए बहुत ज्यादा होड़ मची हुई है, क्योंकि रोहित शर्मा, शुभमन गिल और यशस्वी जयसवाल सभी ओपनिंग स्लॉट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। अगले साल अफ्रीका में होने वाले 2027 वर्ल्ड कप को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि अगर इस युवा खिलाड़ी का T20I में प्रदर्शन शानदार रहता है, तो क्या चयनकर्ता उसे 50-ओवर के क्रिकेट में मौका देंगे। 

इस युवा ओपनर की नींव लंबे व्हाइट-बॉल क्रिकेट में है। उन्होंने पहले ही सीनियर और यूथ लेवल पर 38 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें 25 यूथ वनडे मैचों में रिकॉर्ड-तोड़ 1,412 रन और चार शतक शामिल हैं। लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग में उसके जबरदस्त प्रदर्शन ने ही उसके लिए इंटरनेशनल टीम में जगह बनाने का रास्ता खोला। 

शिवरामकृष्णन ने टीम मैनेजमेंट, खासकर हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर से अपील की कि वे इस युवा खिलाड़ी का पूरा समर्थन करें और शुरुआती नाकामियों के बावजूद उसे लंबे समय तक खेलने का मौका दें। शिवरामकृष्णन ने कहा, 'उसे व्हाइट-बॉल क्रिकेट में काफी मौके दिए जाने चाहिए और देखना चाहिए कि वह कैसा प्रदर्शन करता है। उसे खेलते रहना चाहिए। मेरा मतलब है, किसी युवा खिलाड़ी को मौका देकर फिर उसे ब्रेक देना या आराम देना कोई समझदारी नहीं है। उसे आराम की जरूरत नहीं है। वह पूरे साल खेल सकता है।' 

तमिलनाडु के पूर्व लेग-ब्रेक गेंदबाज ने कहा, 'खासकर एक बल्लेबाज के तौर पर उसे गेंदबाज जैसी फिटनेस की जरूरत नहीं होती। और लंबे समय तक बल्लेबाजी करने से उसे वह एकाग्रता और मानसिक मजबूती भी मिलेगी, जिससे वह लंबे समय तक खेल सके। एक बार जब आप उसे खिलाने का फैसला कर लेते हैं, तो आपको उसे काफी मौके देने होंगे। याद रखें, वह अगले 20 सालों के लिए एक इन्वेस्टमेंट है। मुझे लगता है कि वैभव को अभी कोच (गौतम गंभीर), कप्तान (श्रेयस अय्यर) और बाकी खिलाड़ियों से काफ़ी सपोर्ट की ज़रूरत है। भले ही वह कुछ मैचों में अच्छा न खेले, फिर भी उसे सपोर्ट मिलना चाहिए। उसे खिलाते रहना चाहिए।' 
 

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