बेंगलुरु: BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख VVS लक्ष्मण ने दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कोहली को शानदार प्रोफेशनल और युवा खिलाड़ियों के लिए एक आदर्श बताया। लक्ष्मण के मुताबिक, कोहली हमेशा अपने लिए ऊंचे मानक तय करते हैं और उन्हें हासिल करने की पूरी कोशिश करते हैं।
लक्ष्मण ने कहा, 'मुझे लगता है कि इसमें कोई शक नहीं है कि विराट एक बेहतरीन प्रोफेशनल हैं। वह अपने लिए जो मानक तय करते हैं, उन्हें पूरा करने की कोशिश करते हैं, चाहे वह किसी भी टीम के लिए खेल रहे हों।'
युवा खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल हैं कोहली
लक्ष्मण ने बताया कि कोहली की मेहनत और प्रोफेशनल रवैये का असर टीम के युवा खिलाड़ियों पर भी पड़ता है। उनके मुताबिक, कई युवा क्रिकेटर विराट कोहली की तरह बनने और उनके मानकों को हासिल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, 'इसी वजह से वह एक शानदार रोल मॉडल हैं। मुझे लगता है कि बहुत सारे युवा खिलाड़ी और क्रिकेटर उन्हें अपना आदर्श मानना चाहते हैं।'
चोटों के बीच CoE का किया बचाव
भारतीय खिलाड़ियों के बीच लगातार बढ़ रही चोटों को लेकर BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सवाल उठ रहे हैं। इस पर लक्ष्मण ने CoE का बचाव करते हुए कहा कि चोटें क्रिकेटर के करियर का हिस्सा हैं और किसी एक व्यक्ति या विभाग को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। लक्ष्मण ने कहा, 'CoE सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है। इसकी जिम्मेदारी इससे कहीं बड़ी है और क्रिकेटरों को उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करना इसका अहम हिस्सा है।'
कई भारतीय खिलाड़ी चोटिल
फिलहाल जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन, हर्षित राणा, नितीश कुमार रेड्डी और वॉशिंगटन सुंदर समेत कई भारतीय खिलाड़ी चोट और फिटनेस से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों की मॉनिटरिंग और चोटों के बेहतर प्रबंधन को लेकर CoE की भूमिका अहम हो गई है। लक्ष्मण ने कहा कि चोटों को लेकर किसी को बलि का बकरा बनाने के बजाय खिलाड़ियों की सही मॉनिटरिंग और मैनेजमेंट पर ध्यान देना जरूरी है।
Head of Sports Science and Medicine का पद खाली
लक्ष्मण ने CoE में Head of Sports Science and Medicine (SSM) के खाली पद को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि BCCI इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार तलाश रहा है, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि इस पद के लिए सिर्फ अनुभव और प्रतिष्ठा ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेटरों और उनकी जरूरतों की समझ भी जरूरी है। फिलहाल CoE के अलग-अलग विभागों के प्रमुख इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।