बेंगलुरु: 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का दलीप ट्रॉफी डेब्यू उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ मुकाबले में ईस्ट जोन की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव सिर्फ 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्हें 30 वर्षीय मणिपुर के तेज गेंदबाज बिश्वोरजीत कोंथौजम ने आउट किया।
वैभव ने अपनी छोटी पारी में दो शानदार चौके जरूर लगाए, लेकिन वह अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। बिश्वोरजीत ने अपने पहले ही ओवर की आखिरी गेंद पर वैभव का विकेट हासिल कर उन्हें दलीप ट्रॉफी डेब्यू पर बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।
दो चौके लगाने के बाद गंवाया विकेट
वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत में बिश्वोरजीत कोंथौजम के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी दिखाई। उन्होंने एक गेंद को बैकफुट पर जाकर डीप मिडविकेट की दिशा में चौके के लिए भेजा। इसके बाद तेज गेंदबाज ने गेंद को फुलर लेंथ पर डाला तो बाएं हाथ के बल्लेबाज ने कवर क्षेत्र के रास्ते शानदार चौका जड़ दिया।
हालांकि, दो चौके लगाने के बाद बिश्वोरजीत ने अपनी रणनीति बदली और गेंद की लेंथ पीछे खींची। वैभव ने गेंद को शरीर से दूर जाकर खेलने की कोशिश की, लेकिन उनका शॉट सही तरीके से नहीं लग सका। गेंद गली की दिशा में गई, जहां जोसेफ लालथनखुमा ने आसान कैच लपक लिया।
ईस्ट जोन की खराब शुरुआत
वैभव के आउट होने के बाद ईस्ट जोन को दूसरा झटका भी जल्द लग गया। दूसरे सलामी बल्लेबाज और अनुभवी खिलाड़ी अभिमन्यु ईश्वरन 20 गेंदों पर 15 रन बनाकर आउट हो गए। उन्हें फेरोइजाम जोटिन ने एलबीडब्ल्यू किया।
दोनों सलामी बल्लेबाजों के सस्ते में आउट होने के बाद ईस्ट जोन की शुरुआत खराब रही। टीम शुरुआती विकेट गंवाकर दबाव में आ गई, जिसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई।
कुशाग्र और घरामी ने संभाली पारी
शुरुआती झटकों के बाद कुमार कुशाग्र और सुदीप कुमार घरामी ने ईस्ट जोन की पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 92 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।
कुमार कुशाग्र ने 85 गेंदों पर 55 रन की पारी खेली। हालांकि, वह अपनी पारी को और आगे नहीं बढ़ा सके और आउट हो गए। इसके बाद ईस्ट जोन को कुछ और झटके लगे, जिससे टीम एक बार फिर दबाव में आ गई।
इशान किशन भी नहीं चला पाए बल्ला
कुशाग्र के आउट होने के बाद आकाश चौधरी ने दो अहम विकेट झटके और विराट सिंह को भी पवेलियन भेज दिया। इसके बाद ईस्ट जोन के कप्तान इशान किशन भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हो गए। इशान के आउट होने के साथ ही ईस्ट जोन ने 29.3 ओवर में 138 रन के स्कोर पर अपने पांच विकेट गंवा दिए। इसके बावजूद सुदीप कुमार घरामी ने एक छोर संभाले रखा और टीम को पूरी तरह से बिखरने नहीं दिया।
लंच तक घरामी रहे नाबाद
पहले दिन लंच ब्रेक तक सुदीप कुमार घरामी 70 गेंदों पर 54 रन बनाकर नाबाद थे। उन्होंने शुरुआती विकेट गिरने के बाद ईस्ट जोन की पारी को संभालने में अहम भूमिका निभाई और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने की कोशिश की। कुशाग्र के साथ उनकी 92 रन की साझेदारी ईस्ट जोन के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही। हालांकि, टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, जिसके चलते नॉर्थ ईस्ट जोन ने मैच में अपनी पकड़ बनाए रखी।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वैभव का रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और कम उम्र में बड़ी उपलब्धियों के कारण उनसे रेड-बॉल क्रिकेट में भी काफी उम्मीदें की जा रही हैं।
हालांकि, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड अभी तक बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है। वैभव ने 13 प्रथम श्रेणी पारियों में 215 रन बनाए हैं और उनका बल्लेबाजी औसत 16.53 का है। उनकी स्ट्राइक रेट लगभग 90 की है, लेकिन वह अब तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शतक नहीं लगा पाए हैं।
रणजी ट्रॉफी में खेली थी 93 रन की शानदार पारी
वैभव सूर्यवंशी का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब तक एकमात्र अर्धशतक रणजी ट्रॉफी 2025-26 में आया था। मेघालय के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 67 गेंदों पर 93 रन की शानदार और तेजतर्रार पारी खेली थी।
हालांकि, दलीप ट्रॉफी डेब्यू में 8 रन पर आउट होने के बाद उनके लिए रेड-बॉल क्रिकेट में निरंतरता साबित करना एक बड़ी चुनौती होगी। वैभव ने भले ही शुरुआत में दो शानदार चौके लगाए हों, लेकिन शरीर से दूर गेंद खेलकर विकेट गंवाने की उनकी गलती ने उन्हें एक बार फिर बड़ी पारी खेलने से रोक दिया।