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नयी दिल्ली : शीर्ष भारतीय चक्का फेंक एथलीट नवजीत कौर ढिल्लों पिछले महीने विश्व चैम्पियनशिप से पहले विदेश में ‘एथलेटिक्स इंटीग्रिटी’ इकाई (एआईयू) द्वारा ‘टूर्नामेंट से बाहर’ की गयी डोप जांच में विफल रहीं। नवजीत ने गोल्ड कोस्ट 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता था लेकिन वह आठ अगस्त को समाप्त हुए बर्मिंघम खेलों में आठवें स्थान पर रही थीं।

इसकी जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा- हां, वह (नवजीत कौर ढिल्लों) एआईयू द्वारा की गयी डोप जांच में फेल हो गयी हैं। अगर आप धोखा देने की कोशिश करते हो तो पकड़े जाते हो। सत्ताईस साल की नवजीत ने जून में चेन्नई में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैम्पियनशिप में 55.67 मीटर दूर चक्का फेंककर और 25 जून को कजाखस्तान के अलमाटी में कोसानोव मेमोरियल मीट में 56.24 मीटर के थ्रो से स्वर्ण पदक जीता था। लेकिन बर्मिंघम में उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 53.51 मीटर रहा था। उनका सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 58.03 मीटर का है और उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2018 में 59.18 मीटर का था।

एआईयू ने उनकी जांच कहां की है, अभी यह पता नहीं है लेकिन उनके नमूने में जो पदार्थ पाया गया है वह प्रतिबंधित स्टेरॉइड है जिससे उन पर अस्थायी निलंबन लगना चाहिए। सूत्र ने कहा- पूरी संभावना है, एआईयू ने अलमाटी में यह जांच की है, तुर्की में नहीं। उसने जून में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था और वहां नाडा ने उसकी जांच की होगी।