स्पोर्ट्स डेस्क : वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 की शुरूआत धमाकेदार तरीके से की है। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 15 गेंदों में अर्धशतक ठोक दिया जोकि IPL में सबसे तेज अर्धशतक में से एक हैं। भारत के पूर्व बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग टेक्नीक का विश्लेषण किया और बताया कि वह बाकियों से अलग क्यों हैं।
सूर्यवंशी की पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 128 रनों का लक्ष्य 47 गेंदें शेष रहते ही हासिल कर लिया। इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने सिर्फ़ 17 गेंदों में 52 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। पिछले सीजन में IPL के इतिहास में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाने के बाद उन्होंने इस मैच में भी अपना शानदार फॉर्म जारी रखा।
चोपड़ा ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, 'मैं असल में वैभव सूर्यवंशी के बारे में बात करना चाहता हूं और यह बताना चाहता हूं कि वह इतने अलग क्यों हैं। आम तौर पर एक बल्लेबाज अपनी स्टांस में बैट को ऊपर उठाता है और फिर उसे नीचे ले आता है - यह खेलने का एक सामान्य तरीका है। लेकिन अगर हम यहां यशस्वी (जायसवाल) और वैभव को देखें, तो वैभव बैट को ऊपर उठाते हैं, फिर वह थोड़ा नीचे आता है, और फिर दोबारा ऊपर चला जाता है। और अगर आप वहीं पर वीडियो को रोककर देखें, तो मैंने पहले कभी किसी के बैट को उस दिशा में जाते हुए नहीं देखा।'
पूर्व क्रिकेटर ने कहा, 'ऐसा लगता है जैसे वह कवर्स की तरफ देख रहे हों, लेकिन बैट का पिछला हिस्सा उस एंगल से आता है और फिर शॉट लगाने से ठीक पहले वह उसे घुमाते हैं। वह सचमुच सबसे अलग हैं। मैंने पहले कभी किसी बल्लेबाज को इस तरह के बैट स्विंग के साथ खेलते हुए नहीं देखा। और एक ऐसे खिलाड़ी के लिए जो तेज गेंदबाजr का सामना कर रहा है, मुझे लगता है कि वह जिस तरह की ताकत पैदा कर रहे हैं - ख़ासकर जिस तरह से वह लेग-साइड पर शॉट लगाते हैं - वह सचमुच कमाल का है।'
चोपड़ा ने आगे कहा, 'मैंने पहले कभी किसी बैट स्विंग में इस तरह का आर्क (घुमाव) नहीं देखा। यह बिल्कुल भी नॉर्मल स्विंग नहीं है। वह इसे लगभग एक शिकारी के कोड़े की तरह घुमा रहा है। उसकी कलाई का काम (wrist work) जबरदस्त है और 15 साल के बच्चे के लिए यह अविश्वसनीय है।'