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स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों बड़े टूर्नामेंट के अहम मोड़ पर है, लेकिन मैदान के बाहर एक भावुक पल ने सभी का ध्यान खींचा। टीम के युवा बल्लेबाज़ रिंकू सिंह अपने पिता के निधन के बाद फिर से स्क्वॉड से जुड़े, जिस पर हेड कोच गौतम गंभीर ने उनकी हिम्मत की खुलकर सराहना की। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले ड्रेसिंग रूम में दिए गए गंभीर के संदेश ने टीम की एकजुटता और भावनात्मक मजबूती को सामने ला दिया।

वानखेड़े में भावुक पल

मुंबई के ऐतिहासिक Wankhede Stadium में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल से पहले टीम मीटिंग के दौरान यह खास पल देखने को मिला। गंभीर ने अपनी स्पीच शुरू करने से पहले रिंकू को संबोधित किया और कहा कि इस कठिन समय में पूरी टीम उनके साथ खड़ी है। गंभीर का संदेश साफ था—रिंकू को खुद को अकेला महसूस करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने टीम के सामने ही कहा कि निजी दुख के बावजूद टीम में लौटना असाधारण साहस की बात है।

पिता के निधन से टूटा परिवार

रिंकू सिंह के पिता खानचंद का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और 21 फरवरी को ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराए गए थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन आखिरकार शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। यह खबर मिलते ही रिंकू तुरंत टीम छोड़कर अपने घर लौट गए और परिवार के साथ अंतिम संस्कार में शामिल हुए। ऐसे समय में उनका टीम से जुड़ना उनके पेशेवर समर्पण और मानसिक मजबूती को दर्शाता है।

टीम में वापसी, लेकिन प्लेइंग इलेवन से बाहर

रिंकू रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर 8 मुकाबले से पहले टीम से दोबारा जुड़ गए। हालांकि, उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और उनकी जगह संजू सैमसन को बरकरार रखा गया। इससे पहले जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में भी वे अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं थे। टीम मैनेजमेंट का फैसला रणनीतिक हो सकता है, लेकिन गंभीर का सार्वजनिक समर्थन यह दिखाता है कि ड्रेसिंग रूम में रिंकू का मनोबल बनाए रखना प्राथमिकता है।

टूर्नामेंट में प्रदर्शन रहा फीका

रिंकू को अंतिम समय में भारत की वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया गया था। हालांकि, इस टूर्नामेंट में उनका बल्ला अब तक शांत रहा है। पांच पारियों में उन्होंने कुल 24 रन बनाए हैं, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक शून्य भी शामिल है। इंग्लैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड भी औसत रहा है। तीन पारियों में उन्होंने 39 रन बनाए हैं, जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल है। ऐसे में सेमीफाइनल जैसा बड़ा मंच उनके लिए वापसी का अवसर साबित हो सकता है।