टोक्यो : ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने वाले पहले एशियाई पुरुष और रियो ओलंपिक 2016 के कांस्य पदक विजेता जापान के निशिकोरी केई ने इस सीजन के आखिर में टेनिस से संन्यास लेने की घोषणा की है। 36 साल के निशिकोरी केई ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम और एक्स पर जापानी और इंग्लिश में लिखा, 'आज, मैं एक घोषणा कर रहा हूं। मैंने इस सीजन के आखिर में पेशेवर टेनिस से संन्यास लेने का फैसला किया है।'
उन्होंने कहा, 'जब मैं बच्चा था, तब से मुझे टेनिस का जुनून रहा है और मैंने अपने दिल में सिफऱ् एक सपना लेकर इसे जारी रखा है‘मैं वल्डर् स्टेज पर मुकाबला करना चाहता हूं। एटीपी टूर तक पहुंचना, सबसे ऊंचे स्तर के मुकाबले में खेलना और टॉप 10 में अपनी मौजूदगी बनाए रखना, ऐसी चीज है जिस पर मुझे बहुत गर्व है। चाहे जीत हो या हार, खचाखच भरे एरीना में मुझे जो खास माहौल महसूस हुआ, उसकी जगह कोई नहीं ले सकता।'
निशिकोरी ने पहली बार पांच साल की उम्र में रैकेट उठाया था, और 13 साल की उम्र में .स्. चले गए। उन्होंने फरवरी 2008 में डेलरे बीच ओपन में टूर पर अपना पहला खिताब जीता। जापान के पहले पुरुष खिलाड़ी जो कभी टॉप 10 में पहुंचे, निशिकोरी ने 2014 में यूएस ओपन सेमीफाइनल में उस समय के टॉप रैंक वाले नोवाक जोकोविच को हराया (वह चैंपियनशिप मैच में मारिन सिलिक से हार गए)। रियो में अपने दूसरे ओलंपिक में, निशिकोरी ने कांस्य पदक मुकाबले राफेल नडाल को हराया। हालांकि, निशिकोरी अपने पीक सालों में कई चोटों के कारण एक मुश्किल ग्रैंड स्लैम टाइटल जीतने का मौका चूक गए। अभी उनके करियर में 451 जीत और 12 खिताब हैं।
निशिकोरी ने कहा, 'ऐसे भी समय थे जब बार-बार चोट लगने की वजह से मैं फ्रस्ट्रेशन और एंग्जायटी से बहुत ज्यादा परेशान हो जाता था, जिससे मैं जैसा चाहता था वैसा नहीं खेल पाता था। फिर भी, टेनिस के लिए मेरा प्यार और मेरा यह विश्वास कि मैं एक मज़बूत खिलाड़ी बन सकता हूं, मुझे हमेशा कोटर् पर वापस लाता था। मुझे लगता है कि इन सभी अनुभवों ने मेरी ज़दिंगी को बेहतर बनाया है और उसे आकार दिया है। मैं अपने परिवार और उन सभी का बहुत शुक्रगुजार हूं जिन्होंने हर समय मेरा साथ दिया। सच कहूं तो, मैं अब भी चाहता हूं कि मैं अपना खेल करियर जारी रख सकूं। फिर भी, अब तक की हर बात को पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैंने अपना सब कुछ दिया। मैं सच में इस रास्ते पर चलकर खुश हूं।