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स्पोर्ट्स डेस्क : इंग्लैंड क्रिकेट इस समय मैदान के बाहर की वजहों से ज्यादा सुर्खियों में है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के हालिया एशेज दौरे के दौरान सामने आई कई अनुशासनहीन घटनाओं के बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने टीम कल्चर की गहन समीक्षा शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बोर्ड खिलाड़ियों के लिए कर्फ्यू लागू करने और अन्य सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसका मकसद आगामी उपमहाद्वीपीय दौरों और बड़े टूर्नामेंटों से पहले टीम में प्रोफेशनलिज़्म को मजबूत करना है। 

एशेज हार के बाद ECB की सख्त सोच 

इंग्लैंड की 4-1 से एशेज सीरीज हार ने सिर्फ क्रिकेटिंग रणनीति ही नहीं, बल्कि टीम के माहौल पर भी सवाल खड़े किए। सीनियर निर्णय लेने वाले अब मानते हैं कि प्रदर्शन में गिरावट के पीछे मैदान से बाहर की गतिविधियों का भी बड़ा हाथ रहा है। इसी वजह से ECB अब “कल्चर फिक्स” को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि भविष्य में ऐसे विवाद टीम के प्रदर्शन पर असर न डालें। 

नूसा की रातें और ‘स्टैग डू’ जैसी रिपोर्ट्स 

दूसरे और तीसरे एशेज टेस्ट के बीच ऑस्ट्रेलिया के नूसा में कई इंग्लिश खिलाड़ियों के भारी शराब सेवन की खबरों ने विवाद को और बढ़ा दिया। मीडिया रिपोर्ट्स ने इन घटनाओं की तुलना “स्टैग डू” से की, जिससे टीम के प्रोफेशनल रवैये पर सवाल उठे।
इन रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद ECB के भीतर यह भावना मजबूत हुई कि खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर स्पष्ट नियम और सीमाएं तय की जानी चाहिए। 

हैरी ब्रूक विवाद ने बढ़ाई चिंता

विवाद यहीं नहीं रुका। न्यूजीलैंड में एशेज वॉर्म-अप मैचों से पहले हैरी ब्रूक का एक नाइटक्लब बाउंसर के साथ झगड़ा भी सुर्खियों में रहा। बाद में इस मामले में ब्रूक पर £30,000 का जुर्माना लगाया गया। यह घटना ECB के लिए चेतावनी बन गई कि मैदान से बाहर की छोटी घटनाएं भी टीम की छवि और फोकस को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

श्रीलंका और भारत दौरे से पहले बदलाव की तैयारी

यूके मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज़ और उसके बाद श्रीलंका व भारत में होने वाले T20 वर्ल्ड कप को देखते हुए ECB पहले ही कुछ बदलावों की योजना बना रहा है। बोर्ड चाहता है कि खिलाड़ियों का व्यवहार पूरी तरह नियंत्रित और प्रोफेशनल रहे, ताकि उपमहाद्वीप जैसे चुनौतीपूर्ण दौरों पर कोई अतिरिक्त विवाद खड़ा न हो।

कर्फ्यू इंग्लैंड के लिए नया नहीं

खिलाड़ियों पर कर्फ्यू लगाना इंग्लैंड क्रिकेट के लिए कोई नई बात नहीं है। 2017-18 के एशेज दौरे के दौरान भी इसी तरह की पाबंदियां लागू की गई थीं। हालांकि 2022 में बेन स्टोक्स के कप्तान बनने और ब्रेंडन मैकुलम के हेड कोच बनने के बाद इन नियमों में ढील दी गई थी, लेकिन मौजूदा हालात ने ECB को दोबारा सख्ती पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।