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बैंकाक : भारतीय बैडमिंटन टीम की थॉमस कप की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ियों में से एक किदाम्बी श्रीकांत ने इसे अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धियों में शुमार किया। भारतीय टीम ने 14 बार की चैम्पियन इंडोनेशिया पर 3-0 की जीत से पहली बार थॉमस कप जीता जिसमें श्रीकांत ने अहम भूमिका अदा की क्योंकि उन्हें टूर्नामेंट में एक भी हार का सामना नहीं करना पड़ा।

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श्रीकांत ने कहा कि व्यक्तिगत स्पर्धायें हमेशा टीम स्पर्धाओं से अलग होती है और हमें मुश्किल से ही टीम स्पर्धायें खेलने को मिलती हैं और थॉमस कप फाइनल्स बड़ा टीम टूर्नामेंट है। इसलिए इतना बड़ा टूर्नामेंट जीतना वास्तव में बड़ा क्षण है। ऐसा वास्तव में हो गया है, इससे महसूस करने में समय लगेगा। मैं इसे अपनी सबसे बड़ी जीत में से एक करार करूंगा और मैं खुश हूं कि प्रत्येक खिलाड़ी बहुत अच्छा खेला। मुझे नहीं लगता कि यह व्यक्तिगत जीत है, यह सभी 10 खिलाड़ियों की जीत है, जब भी जरूरत पड़ी, प्रत्येक ने योगदान दिया।

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पिछले साल स्पेन में विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाले श्रीकांत ने कहा कि वह अपनी जीत की तुलना नहीं कर सकते लेकिन यह उनके करियर की बड़ी जीत में से एक थी। मैंने दिसंबर में भी विश्व चैम्पियनशिप में अच्छा प्रदर्शन किया था और यह एक अन्य टूर्नामेंट था जिसमें मैंने अच्छा किया। मैं अपनी इन जीत की तुलना नहीं कर सकता, मैं अपनी इन जीत को रैंक नहीं करना चाहता, ये सभी अहम हैं।

श्रीकांत ने कहा कि यह निश्चित रूप से बड़ी जीत से एक है, टूर्नामेंट के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ और मेरे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में से एक। किसी भी बड़े टूर्नामेंट, चाहे राष्ट्रमंडल खेल हों, एशियाड, थॉमस और उबेर कप, विश्व चैम्पियनशिप, इन सभी में कोई पुरस्कार राशि नहीं होती। लेकिन जब आप इन टूर्नामेंट में जीतते हो तो ये देश के लिए होता है। हमारे जीतने के बाद लोगों ने कहा कि भारत ने थॉमस कप जीता, यह श्रीकांत या प्रणय की जीत नहीं थी, इसलिये यह खुद में ही इतना विशेष अहसास है। 

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