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पुणे, महाराष्ट्र (निकलेश जैन ): सुपर हीरोज कप 2026 का समापन शानदार मुकाबलों और प्रेरणादायक कहानियों के साथ हुआ, जहां इंटरनेशनल मास्टर शशिकांत कुटवाल ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। नॉकआउट फॉर्मेट में खेले गए इस टूर्नामेंट में हर मुकाबला निर्णायक रहा और कुटवाल ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित, सटीक और परिपक्व खेल का प्रदर्शन किया।

पांच वर्षों के अंतराल के बाद पुणे में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत के 16 शीर्ष दिव्यांग शतरंज खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें दृष्टिबाधित, शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण और श्रवण बाधित खिलाड़ी शामिल थे। दो दिनों तक चले इस आयोजन में खिलाड़ियों ने न केवल शानदार खेल दिखाया, बल्कि अपने संघर्ष और जज्बे से सभी को प्रेरित भी किया।

पहले दौर से ही मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। शीर्ष वरीय खिलाड़ियों शशिकांत कुटवाल, किशन गंगोली और दर्पण इनानी ने मजबूत शुरुआत करते हुए अगले दौर में जगह बनाई। वहीं युवा खिलाड़ी आर्यन जोशी को आर्मगेडन मुकाबले में शेरोन राचेल एबी के शानदार आक्रमण के सामने हार का सामना करना पड़ा। शेरोन ने अपने आक्रामक खेल से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

क्वार्टर फाइनल में मुकाबले और कड़े हो गए। किशन गंगोली ने समरथ जे राव को शानदार अंदाज में हराया, जबकि शशिकांत कुटवाल ने पहले मुकाबले में ड्रॉ के बाद दूसरे गेम में आक्रामक खेल दिखाकर जीत हासिल की। दर्पण इनानी ने भी अपने अनुभव का परिचय देते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। वेंकट कृष्ण कार्तिक ने शेरोन के शानदार अभियान को यहीं रोक दिया।

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अपने परिवार के साथ शशिकांत 

सेमीफाइनल में शशिकांत कुटवाल ने दर्पण इनानी को 1.5-0.5 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं किशन गंगोली और वेंकट कार्तिक के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें कार्तिक ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया।

फाइनल मुकाबले में शशिकांत कुटवाल ने मौजूदा चैंपियन वेंकट कृष्ण कार्तिक के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। पहले गेम में उन्होंने काले मोहरों से सुरक्षित ड्रॉ खेला, जबकि दूसरे गेम में मौके का फायदा उठाते हुए निर्णायक बढ़त बनाई और खिताब अपने नाम कर लिया।

तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में किशन गंगोली और दर्पण इनानी के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। क्लासिकल मुकाबले ड्रॉ रहने के बाद आर्मगेडन में किशन ने अनुभव का परिचय देते हुए जीत हासिल की और तीसरा स्थान प्राप्त किया।

इस तरह सुपर हीरोज कप 2026 ने एक बार फिर यह साबित किया कि शतरंज केवल खेल नहीं, बल्कि साहस, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल है।