स्पोर्ट्स डेस्क: न्यूजीलैंड के मिडफील्डर सरप्रीत सिंह ने फीफा विश्व कप 2026 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। भारतीय मूल के सरप्रीत विश्व कप मैच में शुरुआती एकादश का हिस्सा बनने वाले पहले भारतीय मूल के फुटबॉलर बन गए हैं। उन्होंने ईरान के खिलाफ खेले गए ग्रुप जी मुकाबले में न्यूजीलैंड की ओर से मैदान पर उतरकर इतिहास रच दिया।
विश्व कप डेब्यू में छोड़ी छाप
ऑकलैंड में पंजाबी माता-पिता के घर जन्मे 27 वर्षीय सरप्रीत सिंह ने ईरान के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ रहे मुकाबले में विश्व कप में पदार्पण किया। न्यूजीलैंड के मुख्य कोच डैरेन बेज़ले ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें शुरुआती एकादश में शामिल किया।
सरप्रीत ने लगभग पूरा मैच खेला और 90वें मिनट तक मैदान पर डटे रहे। इसके बाद उन्हें बदल दिया गया। नंबर-10 जर्सी पहनकर खेलने वाले सरप्रीत ने ईरान के गोल पर तीन प्रयास किए, हालांकि वह गोल करने में सफल नहीं हो सके।
अगला मुकाबला मिस्र से
न्यूजीलैंड अब अपना अगला ग्रुप मुकाबला 21 जून को वैंकूवर में मिस्र के खिलाफ खेलेगा। सरप्रीत से एक बार फिर टीम को बड़ी उम्मीदें होंगी।
निशान वेलुपिल्ले ने भी किया विश्व कप डेब्यू
सरप्रीत से दो दिन पहले भारतीय मूल के एक अन्य खिलाड़ी निशान वेलुपिल्ले ने भी ऑस्ट्रेलिया की ओर से विश्व कप में पदार्पण किया था। तुर्किए के खिलाफ 2-0 की जीत में वह 60वें मिनट में स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरे थे। 25 वर्षीय विंगर निशान का जन्म मेलबर्न में हुआ। उनकी मां एंग्लो-इंडियन हैं, जबकि पिता श्रीलंकाई तमिल मूल के मलेशियाई हैं।
जूनियर स्तर पर न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व
सरप्रीत सिंह इससे पहले 2017 और 2019 फीफा अंडर-20 विश्व कप में भी न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी तकनीक और रचनात्मक खेल के कारण उन्हें न्यूजीलैंड फुटबॉल का बड़ा सितारा माना जाता है।
विकास धोरासू के बाद नई पहचान
इस विश्व कप से पहले भारतीय मूल के खिलाड़ियों में सबसे चर्चित नाम फ्रांस के पूर्व मिडफील्डर विकास धोरासू का था। उन्होंने 2006 फीफा विश्व कप में फ्रांस के लिए दो ग्रुप मैचों में स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में हिस्सा लिया था।
भारतीय मूल के दो और खिलाड़ी
मौजूदा विश्व कप में भारतीय मूल के दो अन्य खिलाड़ियों के भी मैदान पर उतरने की संभावना है। इनमें कांगो के सैमुअल मौतौसामी और कतर के तहसीन मोहम्मद जमशेद शामिल हैं। तहसीन को स्विट्जरलैंड के खिलाफ मैच में मौका नहीं मिला था, जबकि अब निगाहें सैमुअल मौतौसामी पर टिकी हैं, जिन्हें पुर्तगाल और Cristiano Ronaldo की टीम के खिलाफ खेलने का मौका मिल सकता है।