स्पोर्ट्स डेस्क : इंग्लैंड के स्टार विंगर बुकायो साका ने फ्रांस के खिलाफ तीसरे स्थान के मुकाबले में हैट्रिक लगाकर इतिहास रच दिया। 6-4 की जीत में सबसे बड़े हीरो रहे साका ने इस प्रदर्शन के साथ हैरी केन और गैरी लिनेकर जैसे दिग्गजों की खास सूची में जगह बना ली। मैच के बाद उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि पर उन्हें बेहद गर्व है।
हैट्रिक से रचा इतिहास
फ्रांस के खिलाफ मुकाबले में साका ने 37वें मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद पहले हाफ के अंतिम क्षणों में दूसरा गोल दागा और दूसरे हाफ में पेनल्टी पर तीसरा गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी की।
इस प्रदर्शन के साथ वह विश्व कप के दो अलग-अलग संस्करणों में तीन या उससे अधिक गोल करने वाले इंग्लैंड के केवल तीसरे खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले यह कारनामा सिर्फ गैरी लिनेकर और हैरी केन ने किया था।
इसके अलावा साका विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में हैट्रिक लगाने वाले इंग्लैंड के दूसरे खिलाड़ी भी बने। उनसे पहले 1966 के फाइनल में सर ज्योफ हर्स्ट ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
'इस सूची में शामिल होना गर्व की बात'
मैच के बाद साका ने अपनी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, 'यह शानदार एहसास है। मुझे अभी बताया गया कि इंग्लैंड के सिर्फ चार खिलाड़ियों ने विश्व कप में हैट्रिक लगाई है। आप जानते हैं कि उस सूची में कौन-कौन हैं। उस एलीट सूची का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है।'
कोच थॉमस टुखेल ने की तारीफ
इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुखेल ने भी साका की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, 'साका ने आज हर चीज सही की। वह टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक हैं और इसमें कभी कोई संदेह नहीं था। मुझे तो यह भी पता नहीं चला कि उन्होंने हैट्रिक पूरी कर ली है, लेकिन वह इसके पूरी तरह हकदार थे।'
सेमीफाइनल की हार का दर्द अब भी कायम
साका ने माना कि अर्जेंटीना से सेमीफाइनल में मिली हार अभी भी टीम को परेशान करती है, लेकिन तीसरे स्थान के साथ टूर्नामेंट खत्म करना संतोषजनक रहा। उन्होंने कहा, 'पूरे टूर्नामेंट में हमने लगातार बेहतर खेल दिखाया। अर्जेंटीना से हार का दर्द हम सभी को है और हमारे प्रशंसकों को भी। लेकिन हमें सिर ऊंचा रखकर आगे बढ़ना होगा। आज हमने मजबूत अंदाज में टूर्नामेंट खत्म किया और यही सबसे अहम बात है।'