Sports

गुवाहाटी : पूर्व विश्व नंबर एक सायना नेहवाल ने ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता पीवी सिंधू को शनिवार को लगातार गेमों में 21-18, 21-15 से हराकर 83वीं सीनियर राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में अपना खिताब बरकरार रखा।  दूसरी वरीय सायना ने टॉप सीड सिंधू को 44 मिनट में पराजित कर खुद को फिर से राष्ट्रीय क्वीन साबित किया है। पुरुष एकल वर्ग में पूर्व विजेता सौरभ वर्मा ने युवा स्टार लक्ष्य सेन को 44 मिनट में 21-18, 21-13 से हराकर आठ साल बाद खिताब अपने नाम किया।  

Saina becomes the national queen after defeating Sindhu

सायना ने 2017 में पिछली राष्ट्रीय चैंपियनशिप के फाइनल में भी सिंधू को हराकर खिताब जीता था और इस बार भी उन्होंने सिंधू को फाइनल में लगातार गेमों में शिकस्त दे दी। उमीद की जा रही थी कि 2018 के अंत में दुनिया की शीर्ष आठ खिलाडिय़ों का टूर्नामेंट जीतने वाली सिंधू सायना से पिछली हार का बदला चुकाएंगी लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल पायी।  विश्व रैंकिंग में नौवें नंबर की सायना ने छठीं रैंकिंग की सिंधू को लगातार गेमों में पराजित कर चौथी बार राष्ट्रीय खिताब जीत लिया। सायना ने इससे पहले 2006, 2007 और 2017 में यह खिताब जीता था।  वर्ष 2011 और 2013 में चैंपियन रहीं सिंधू का तीसरी बार राष्ट्रीय खिताब जीतने का सपना पूरा नहीं हो पाया। सायना ने पिछले साल गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में भी सिंधू को पराजित कर स्वर्ण पदक जीता था। 

Saina becomes the national queen after defeating Sindhu

फाइनल में सिंधू ने पहला अंक लिया और जल्द ही 3-0 की बढ़त बना ली। सायना ने वापसी करते हुए स्कोर 5-5 से बराबर किया। सिंधू ने फिर 10-9 की बढ़त बनाई जबकि सायना पहले ब्रेक पर 11-10 से आगे हो गई। सायना ने यहां से पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी बढ़त को 15-11 और 18-15 पहुंचा दिया।  इस बीच स्टेडियम में बिजली की गड़बड़ी के कारण कुछ देर के लिए खेल रुका। खेल शुरु होने पर सिंधू ने लगातार दो अंक लिए और स्कोर 17-18 कर दिया। लेकिन सायना ने अपनी पकड़ बनाए रखते हुए पहला गेम 21-18 पर समाप्त किया।  दूसरे गेम में सिंधू 5-3 से आगे हुईं लेकिन सायना ने 5-5 से बराबरी की। स्कोर फिर 7-7 पर बराबर हुआ। पहले गेम की तरह दूसरे गेम में भी सायना ब्रेक पर 11-9 से आगे थीं। सायना ने सिंधू को गलतियां करने पर मजबूर किया और अपनी बढ़त को 15-12 पहुंचा दिया। सायना ने बढ़त को 19-13 पहुंचाने के बाद 21-15 से यह गेम समाप्त करते हुए अपना चौथा राष्ट्रीय खिताब जीत लिया। 

.
.
.
.
.