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मुंबई : क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने गुरु पूर्णिमा के मौके पर अपने बचपन के कोच, स्वर्गीय रमाकांत अचरेकर को दिल से श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उन्हें उस व्यक्ति को हमेशा 'एक और 'थैंक यू' (धन्यवाद) कहना' बाकी लगता है, जिन्होंने उन्हें एक क्रिकेटर और एक इंसान के तौर पर ढालने में अहम भूमिका निभाई। 

दिग्गज कोच के जीवित रहते हुए तेंदुलकर हर साल उनका आशीर्वाद लेने के लिए उनके घर जाते थे। अब भी उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने गुरु को याद करने की परंपरा को जारी रखा। तेंदुलकर ने 'X' पर लिखा, 'आज यहां खड़े होकर मुझे एक बात का एहसास हुआ। चाहे कितने भी साल बीत जाएं, मुझे हमेशा ऐसा लगेगा कि मुझे एक और 'थैंक यू' कहना बाकी है। मुझ पर भरोसा करने, मेरा मार्गदर्शन करने और मुझे वह इंसान बनाने में मदद करने के लिए धन्यवाद, जो मैं आज हूं। गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं, अचरेकर सर।' 

भारतीय क्रिकेट के सबसे मशहूर कोचों में से एक, अचरेकर ने कम उम्र में ही तेंदुलकर की असाधारण प्रतिभा को पहचान लिया था। उन्होंने इस महान बल्लेबाज को निखारने में अहम भूमिका निभाई, जो बाद में इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले और 100 इंटरनेशनल शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने। कोच और छात्र के बीच का यह रिश्ता भारतीय खेलों के सबसे यादगार रिश्तों में से एक रहा है। तेंदुलकर ने अपने शानदार सफर में अचरेकर के प्रभाव को स्वीकार करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। 

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