Sports

नई दिल्ली : खेल मंत्री किरेन रीजीजू को तोक्यो ओलंपिक में देश के खिलाड़ियों से अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद है लेकिन उन्होंने चेताया कि अगर 2028 खेलों में भारत अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहा तो इसके लिए सभी हितधारक दोषी होंगे। रीजीजू ने कहा कि भारत की लास एंजिलिस ओलंपिक की सर्वश्रेष्ठ तैयारी के लिए आठ साल का समय पर्याप्त होना चाहिए।

रीजीजू ने फिक्की के ‘टर्फ 2019' वैश्विक खेल सम्मेलन के दौरान कहा, ‘अगर हम इतने समय बाद (2028 लास एंजिलिस ओलंपिक) होने वाली चीज के लिए भी खुद को तैयार नहीं कर सकते तो फिर नीति तैयार करने, दिशा निर्धारण करने और संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर हमें स्वयं को ही दोष देना होगा।' उन्होंने कहा, ‘समय हमारे पक्ष में है और हमें सुनिश्चित करना होगा कि भारत ऐसा देश नहीं रहे जिसे ओलंपिक में गंभीरता से नहीं लिया जाए। अगर हम पदक नहीं जीतते तो निश्चित तौर पर देश के खेल मंत्री के रूप में मैं संतुष्ट नहीं रहूंगा।' 

खेल मंत्री ने कहा कि अगले साल होने वाले तोक्यो ओलंपिक तत्काल लक्ष्य है लेकिन भविष्य की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने की जरूरत है। रीजीजू ने कहा, ‘मौजूदा प्रतिभा के साथ तोक्यो हमारा तत्काल लक्ष्य है। हम रातोंरात चैंपियन तैयार नहीं कर सकते। एक या दो साल में विश्व चैंपियन तैयार करना संभव नहीं है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि पूरा बुनियादी ढांचा तैयार हो।' 

उन्होंने कहा, ‘हमारे पास मौजूदा प्रतिभा है और हमें इसका सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल करना होगा। मैं उम्मीद करता हूं कि तोक्यो 2020 ओलंपिक में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए भारत के पास अच्छा मंच होगा लेकिन हमारी सीमाएं हैं। हालांकि 2024 पेरिस और विशेषकर 2028 लास एंजिलिस ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने से हमें कोई नहीं रोक सकता जो अभी आठ साल से अधिक समय दूर है।' 

.
.
.
.
.