धर्मशाला : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने क्वालिफायर 1 में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 92 रनों की जीत के साथ आईपीएल के फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। जियो स्टार एक्सपर्ट अनिल कुंबले ने RCB की शानदार जीत का विश्लेषण किया और रजत पाटीदार की बेहतरीन कप्तानी पर बात की।
कुंबले ने RCB की जीत का विश्लेषण करते हुए कहा, 'टॉस हारने के बाद RCB ने बोर्ड पर 254 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करके अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। किसी भी मैच में इतने रन बनाना मुश्किल होता है, लेकिन प्लेऑफ में ऐसा करना असली हिम्मत दिखाता है। पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी, लेकिन आरसीबी के बल्लेबाजों को फिर भी मैदान पर उतरकर अपना काम करना था। उन्होंने यह काम शानदार ढंग से किया, जिसमें रजत पाटीदार ने आगे बढ़कर कप्तानी की और विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने भी अच्छा योगदान दिया।'
कुंबले ने कहा, ‘जब RCB गेंदबाजी करने उतरी, तो उन्होंने GT के ओपनर्स को जमने नहीं दिया। उन्होंने कसी हुई लाइन पर गेंदबाजी की, दबाव बनाए रखा, और साई सुदर्शन के दुर्भाग्यपूर्ण आउट होने से उन्हें शुरुआती सफलता मिल गई। उस विकेट ने जीत के दरवाज़े खोल दिए। वहां से RCB के गेंदबाजों ने मैच पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया। यह शुरू से लेकर अंत तक एक बेहतरीन प्रदर्शन था। गेंदबाजी, बल्लेबाजी, फील्डिंग - उस रात RCB के लिए सब कुछ एकदम सही रहा। वे सिर्फ जीते ही नहीं; उन्होंने एक बयान दिया है। नॉकआउट मैच में आपको इसी तरह के प्रदर्शन की ज़रूरत होती है।'
रजत पाटीदार की पारी और कप्तानी पर कुंबले ने कहा, 'एक खिलाड़ी अपने साथियों का सम्मान तब कमाता है, जब वह बड़े मैच में अच्छा प्रदर्शन करता है। रजत पाटीदार ने ठीक यही किया है। यह पहला क्वालिफायर आरसीबी के लिए बहुत बड़ा मैच था। पहला क्वालिफायर जीतकर सीधे फाइनल में पहुँचने से आपको बहुत बड़ा फायदा मिलता है। तीन या चार दिन का आराम खिलाड़यिों को मानसिक और शारीरिक रूप से ठीक होने का मौका देता है।'
उन्होंने कहा, ‘पहला क्वालिफायर जीतने का यही एक बड़ा फायदा है। रजत ने कप्तान के तौर पर शानदार काम किया है। लेकिन RCB की जो बात सबसे अलग है, वह यह है कि अलग-अलग मैचों में अलग-अलग खिलाड़ी आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेते हैं। हर मैच में, कोई नया खिलाड़ी ‘मैन ऑफ द मैच' का अवॉर्ड जीतता है। पिछले सीजन में जब उन्होंने खिताब जीता था, तब भी ठीक यही हुआ था। जब हर कोई अपना योगदान देता है, तो आप एक चैंपियन टीम बन जाते हैं। जीटी के खिलाफ इस मैच में, हर गेंदबाज ने विकेट लिए। किसी एक या दो खिलाड़यिों पर ही पूरी तरह निर्भरता नहीं थी। बल्लेबाजी जोरदार रही, गेंदबाज़ी अनुशासित थी, और फील्डिंग भी चुस्त थी। यह उस टीम की पहचान है, जो बड़े मैच जीतना जानती है।'