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लंदन : यॉर्कशर के पूर्व खिलाड़ी अजीम रफीक ने मंगलवार को जो रूट को अच्छा इंसान कहा लेकिन इस बात को लेकर निराशा जताई कि इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान ने ‘संस्थागत नस्लवाद' की अनदेखी की। रफीक ने डिजिटल, कल्चर, मीडिया और स्पोटर्स कमेटी (डीसीएमएस) में ब्रिटेन के सांसदों के सामने सुनवाई के दौरान क्लब में नस्लवाद और पक्षपात के अपने अनुभवों के बारे में बताया। रूट ने हाल ही में यॉर्कशर काउंटी में नस्लवाद की निंदा की थी।

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रफीक ने सुनवाई के दौरान कहा कि रूट अच्छा इंसान है। उसने कभी नस्लीय भाषा का प्रयोग नहीं किया। मुझे यह और भी बुरा लगा क्योंकि वह गैरी बालांस के साथ रहता था। शायद उसे याद नहीं हो। इंग्लैंड के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बालांस ने स्वीकार किया कि उन्होंने रफीक को पाकी (पाकिस्तानियों के लिए प्रयुक्त शब्द) कहा था लेकिन उन्होंने कहा कि यह उन्होंने दोस्ताना मजाक में कहा था। रफीक ने कहा कि यॉर्कशर के लिए खेलने के दौरान उन्हें अक्सर ‘पाकी' कहा जाता था और अधिकारियों ने इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। 

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