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जालन्धर: सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले गए मैच के दौरान एक बार फिर से अंपायरों के फैसले विवाद का कारण बन गए। दरअसल चेन्नई की टीम 20वां ओवर खेल रही थी। तभी हैदराबाद के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की एक उठती हुई गेंद रविंद्र जडेजा के कंधे से ऊपर से निकल गई। अंपायर ने फौरन वन बाऊंस का ईशारा कर दिया। अंपायर ने जैसे ही ईशारा किया। नॉन स्ट्राइक पर खड़े अंबाति रायडू ने विरोध कर दिया। वह इसे नॉन बोल देने की बात कर रहे थे।

No ball Controversy again : Now ravinder Jajaja Lashes Field Umpire

इधर, अंबाति चुप हुए तो साथ ही रविंद्र जडेजा ने अंपायर की ओर आ गए। वह कह रहे थे कि आपने ओवर में एक पहले ही वन बाउंस दे दी है ऐसे में यह नो बॉल होनी चाहिए। मैदानी अंपायर ने जडेजा की बात को ठुकरा दिया। बाद में साफ हुआ कि अंपायर का फैसला सही था। लेकिन पहले अंबाति और बाद में रविंद्र जडेजा के कारण पूरा मामला चर्चा का केंद्र बन गया। इससे एक बार फिर से वह विषय उठ गया कि क्या स्टार बल्लेबाज वाकई अंपायरों पर दबाव बना रहे हैं।
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नो बॉल विवाद में मैदान में आ गए थे धोनी

No ball Controversy again : Now ravinder Jajaja Lashes Field Umpire

राजस्थान के खिलाफ सीएसके के खेले गए पिछले मैच के दौरान नो बॉल को लेकर विवाद हो गया था। दरअसल आखिरी ओवर में राजस्थान के तेज गेंदबाज की एक बॉल को फील्ड अंपायर ने पहले नो बॉल दिया, फिर कैेंसिल कर दिया। धोनी यह सब देखकर गुस्से में आ गए। वह मैदान पर गए और कहा कि एक अंपायर ने नो बॉल देखकर हाथ नीचे क्यों किया। हालांकि अंपायरों का निर्णय अंतिम माना गया। धोनी पर नियम तोडऩे के कारण जुर्माना भी लगा।

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