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नई दिल्लीः फीफा विश्वकप के 21वें सीजन में नाइजीरिया के कप्तान जाॅन ओबी मिकेल को अर्जेंटीना के खिलाफ मैच से पहले पता चला कि उनके पिता का अपहरण हो गया, लेकिन बावजूद इसके उन्होंने अपनी टीम का साथ नहीं छोड़ा और मैच को पूरा किया। इस मैच को अर्जेंटीना ने 2-1 से अपने नाम कर लिया था।

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इस बुरी घटना के बाद 'द गार्जियन' ने मिकेल के हवाले से लिखा, ''मैं उस समय खेला जब मेरे पिता बंधकों की गिरफ्त में थे। मुझे इस बुरी खबर से आगे निकलना था।'' मिकेल को यह खबर तब पता चली जब वह पिछले सप्ताह टीम की बस में से स्टेडियम आ रहे थे। 
 


मिकेल की दरियादिली
मिकेल ने कहा, ''मैं भावनात्मक तौर पर टूट चुका था। मुझे फैसला लेना था कि क्या मैं मानसिक तौर पर खेलने के लिए तैयार हूं। मैं असमंजस में था। मैं नहीं जानता था कि मैं क्या करूं। अंत में मैंने फैसला लिया कि मैं अपने देश के तमाम लोगों को निराश नहीं कर सकता।'' उन्होंने आगे कहा, ''मुझे इस बात को अपने दिमाग से बाहर निकालना पड़ा और अपने देश का नेतृत्व करना पड़ा। मैं अपने कोच और संघ को भी नहीं बता सकता था। मेरे कुछ करीबी दोस्तों को ही इस बारे में पता था।''

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मिल रही थी धमकियां
अर्जेंटीना के खिलाफ मैच के पूरे 90 मिनट स्टेडियम में गुजारने के बाद मिकेल काफी निराश नजर आ रहे थे और उनकी चेहरे की निराशा कोई भी समझ नहीं पा रहा था। उन्होंने कहा, ''मुझे धमकियां मिल रही थी कि कि अगर मैंने यह बात किसी को बताई, तो वो मेरे पिता को मार देंगे। मैं इस बात को कोच के साथ भी साझा नहीं कर पाया था, क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि कोई बखेड़ा खड़ा हो।'' पुलिस का शुक्रिया करते हुए उन्होंने कहा, ''मेरे पिता सोमवार दिन में सही सलामत वापस आ गए। मैं पुलिस का मदद करने के लिए धन्यवाद देता हूं।''

 

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