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नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अंतरिम सीईओ ज्यौफ अलार्डिस ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस के कारण यात्रा पाबंदियों ने ‘जटिलताओं की परत' पैदा की है और आईसीसी को भारत के टी20 विश्व कप की मेजबानी को लेकर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के अंतिम फैसले का इंतजार है। बीसीसीआई ने भारत में टी20 विश्व कप की मेजबानी करनी है या नहीं इसे लेकर फैसला करने के लिए 28 जून तक का समय मांगा है। 

भारत में अक्टूबर-नवंबर के दौरान कोविड-19 की तीसरी लहर के आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल विकल्प के रूप में संयुक्त अरब अमीरात और ओमान को रखा गया है। अलार्डिस ने चुनिंदा मीडिया संस्थानों से कहा, ‘हमें टूर्नामेंट के लिए स्वीकृत समय सीमा के दौरान पूर्ण प्रतियोगिता कराने की जरूरत है। योजना बनाने के नजरिए से, हमें निश्चितता चाहिए, कोविड-19 से जुड़ी पाबंदियों के समय वैश्विक प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर जटिलताओं की एक अतिरिक्त परत पैदा हो गई है।' 

उन्होंने कहा, ‘यात्रा को लेकर पाबंदियां हैं और अन्य देशों में प्रवेश को लेकर नियम हैं, होटलों में इंतजाम आदि।' अलार्डिस ने कहा कि अंतिम फैसले में अब भी कुछ दिन का समय बाकी है। उन्होंने कहा, ‘हमें फैसले को लेकर निश्चितता की जरूरत है, टूर्नामेंट का आयोजन कहां किया जा सकेगा। हम मैचों का कार्यक्रम तैयार करना शुरू कर सकते हैं और सभी योजनाएं बना सकते हैं, बोर्ड महीने के अंत में फैसला करेगा और इस समय हम रोजाना बीसीसीआई के साथ चर्चा कर रहे हैं जिससे कि मैचों के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने का प्रयास कर सकें।' 

अलार्डिस ने कहा, ‘बजट और अन्य मुद्दे भी हैं। इस समय मैं इससे अधिक कुछ नहीं कह सकता, फैसला महीने के अंत में किया जाएगा।' अलार्डिस ने आश्वासन दिया कि अगर टूर्नामेंट का आयोजन भारत में होता है तो ऐसा सभी सदस्य देशों को भरोसे में लेने के बाद किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘आईसीसी के सारे फैसले बोर्ड करता है और इसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। मैचों का आयोजन कहां हो इससे जुड़ा फैसला करते हुए उनके (आईसीसी बोर्ड) नजरिए में हमेशा उनके सदस्य देशों और खिलाड़ियों के नजरिए की झलक मिलती है। 

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