कोलकाता : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के नए सुपरस्टार मुकुल चौधरी ने कप्तान ऋषभ पंत की एक अहम सलाह का खुलासा किया, जिसने उन्हें दबाव वाले हालात में शांत रहने में मदद की। गुरुवार को ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ अपनी टीम लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए खेलते हुए उन्होंने 54 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली।
182 रनों का पीछा करते हुए LSG आखिरी ओवरों में दबाव में थी लेकिन मुकुल ने अपना संयम बनाए रखा और निडर होकर बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख ही बदल दिया। उन्होंने मैच के आखिरी पलों में कुछ अहम छक्के जड़े जिनमें आखिरी ओवर में लगाए गए दो छक्के भी शामिल थे और अपनी टीम को जीत दिलाई। मैच के बाद मुकुल ने बताया कि पंत के शब्दों ने उन्हें शांत रहने और अपनी सहज बुद्धि पर भरोसा करने में कैसे मदद की।
मुकुल ने मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'सबसे अहम बात है शांत रहना। पिछले एक-दो सालों में पहले मैं थोड़ी जल्दबाजी करता था, लेकिन पिछले कुछ महीनों में मैंने प्रैक्टिस के दौरान इस पर काफी काम किया है, ताकि मैं ज्यादा से ज्दाया देर तक बल्लेबाजी कर सकूं। अगर मैं मैच को आखिर तक ले जाता हूं, तो मुझे पूरा यकीन है कि मैं अपनी टीम को जीत दिला सकता हूं।
उन्होंने कहा, 'पिछले मैच में भी, मैंने 4-5 गेंदें खेली थीं; मैं आउट तो नहीं हुआ, लेकिन मैं गेंद को सही से टाइम नहीं कर पा रहा था। इसलिए मैंने ऋषभ भाई से बात की। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं जरूरत से ज्यादा सोच रहा हूं, और मन ही मन यह हिसाब लगा रहा हूं कि 'मैं यह करूंगा, मैं वह करूंगा। उन्होंने कहा कि इतना ज्यादा मत सोचो। बस अपने काम पर, अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दो ठीक वैसे ही जैसे तुम हमेशा से करते आए हो। अगर तुम ज्यादा सोचोगे, तो तुम पर दबाव आ जाएगा। गेंद पर नजर रखो। जब तुम शॉट लगाओ, तो जोरदार शॉट लगाओ। मुझे तुम पर पूरा भरोसा है, लेकिन तुम्हें भी खुद पर भरोसा रखना होगा।'
मुकुल, जिन्हें अपनी शानदार पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का अवॉर्ड मिला, उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को अपने पिता को समर्पित किया। उनके पिता का सपना था कि उनका बेटा एक बेहतरीन क्रिकेटर बने। उन्होंने कहा, 'मैं यह पारी अपने पिता को समर्पित करूंगा। शादी से पहले ही उनका एक सपना था कि उनका बेटा क्रिकेट खेलेगा। मैंने MS (धोनी) सर को देखा और जिस तरह से उन्होंने मैच को फिनिश किया। मैं भी उसी पोजिशन पर बैटिंग करता हूं, और मैं भी यह फिनिश उन्हें ही समर्पित करना चाहता हूं।'