स्पोर्ट्स डेस्क : भारत के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित भारतीय वनडे टीम में यशस्वी जायसवाल को जगह नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीम चयन में किसी खिलाड़ी की प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
शानदार फॉर्म के बावजूद नहीं मिली जगह
यशस्वी जायसवाल हाल के दिनों में शानदार फॉर्म में रहे हैं। उन्होंने अपने पिछले तीन वनडे मुकाबलों में दो शतक जड़े हैं। पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम में नाबाद 116 रन बनाने के बाद उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ चेन्नई वनडे में भी शतकीय पारी खेली थी।
अफगानिस्तान सीरीज में उन्हें शुरुआत में मौका नहीं मिला था, लेकिन विराट कोहली के चोटिल होने के बाद प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए। इस मौके का फायदा उठाते हुए उन्होंने दमदार शतक ठोककर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी थी।
मांजरेकर ने रोहित शर्मा की भूमिका पर भी उठाया सवाल
मांजरेकर का मानना है कि यदि रोहित शर्मा को टीम में बनाए रखा जा रहा है, तो चयनकर्ताओं को साफ करना चाहिए कि क्या वह 2027 वनडे विश्व कप की योजनाओं का हिस्सा हैं। अगर ऐसा नहीं है तो फिर जायसवाल जैसे युवा खिलाड़ी को तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जायसवाल ने मिले हर अवसर का भरपूर फायदा उठाया है और ऐसे खिलाड़ी को अचानक टीम से बाहर करना काफी कठोर फैसला है।
'टीम के हित सबसे ऊपर होने चाहिए'
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में अक्सर बड़े नामों के मामले में फैसले पूरी तरह प्रदर्शन के आधार पर नहीं लिए जाते। उन्होंने संकेत दिया कि रोहित शर्मा के मामले में भी चयनकर्ता काफी सावधानी बरत रहे हैं। मांजरेकर ने जोर देकर कहा कि टीम चयन का आधार किसी खिलाड़ी की प्रतिष्ठा या करियर को लंबा खींचना नहीं होना चाहिए। चाहे वह रोहित शर्मा हों, विराट कोहली हों या जसप्रीत बुमराह, हर फैसला भारतीय क्रिकेट के हित को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।
रोहित का प्रदर्शन अभी भी मजबूत
हालांकि मांजरेकर ने चयन नीति पर सवाल उठाए, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि रोहित शर्मा अभी भी वनडे क्रिकेट में प्रभावी बल्लेबाज हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में भी उन्होंने 200 से ज्यादा रन बनाए थे।
फिटनेस बनी हुई है बड़ी चिंता
रोहित शर्मा के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनकी फिटनेस मानी जा रही है। हैमस्ट्रिंग की समस्या ने कई बार उनके करियर को प्रभावित किया है। यही वजह है कि चयनकर्ता उनकी फिटनेस और कार्यभार पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बढ़ती उम्र के साथ खिलाड़ियों पर दबाव भी बढ़ता है और रोहित को 2027 विश्व कप तक अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार प्रदर्शन के साथ फिटनेस भी साबित करनी होगी।